महानदी का रौद्र रूप अब थमने लगा, जलस्तर 2 से 3 फीट घटा, कई गांवों में पानी और रास्तों पर अब भी असर..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// पिछले कुछ दिनों से लगातार हुई झमाझम बारिश के बाद उफनाई महानदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। सरिया तहसीलदार पुष्पेंद्र कुमार राज के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 12 बजे से स्थिति सामान्य होने लगी और शाम तक जलस्तर में करीब 2 से 3 फीट की कमी दर्ज की गई। प्रशासन का अनुमान है कि जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचा है, वहां मंगलवार सुबह तक लोगों को और राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि नदी किनारे और निचले इलाकों में प्रशासन अब भी पूरी तरह सतर्क है।

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पोरथ शिव मंदिर अब भी पानी से घिरा, कई गांव प्रभावित

महानदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान सरिया तहसील के महानदी तट पर स्थित ऐतिहासिक पोरथ शिव मंदिर जलमग्न हो गया था। नदी किनारे बसे कई गांवों की सड़कों और खेतों में पानी भर गया था। विजयपुर, बुदबुदा, लिप्ती, पिहरा, नदीगांव, परसरामपुर, सुरसी, सूरजगढ़, रानीडीह, कोर्रा, पोरथ, तोरा, ठेंगागुड़ी, बोरिदा और लुकापारा समेत कई गांव प्रभावित हुए।

पुसौर क्षेत्र में भी सूरजगढ़, नवापाली, चंघोरी, बाराडोली, तेलीपाली, त्रिभोना और हल्दी समेत कई गांवों में सड़क और खेत जलमग्न हुए। चंद्रपुर स्थित महानदी पुल पर भी पानी खतरे के निशान के ऊपर बहने की जानकारी सामने आई थी। पुल के बीच स्थित मां नाथलदाई मंदिर के चारों तरफ भी पानी भर गया था।

सारंगढ़-रायगढ़ मार्ग और लात नाला पुल पर भी असर

बाढ़ के कारण सारंगढ़-रायगढ़ मार्ग पर टीमरलगा के पास पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ। इसी मार्ग पर मांड नदी के पास डभरा तिराहे में भी पानी भर गया। वहीं चंद्रपुर क्षेत्र में लात नाला पुल के ऊपर पानी आने के कारण रास्ता बंद करना पड़ा था। तेज बहाव को देखते हुए लोगों को ऐसे रास्तों से गुजरने से बचने की सलाह दी गई।

राहत शिविरों में ग्रामीणों के भोजन और जरूरतों का इंतजाम

सरिया तहसीलदार पुष्पेंद्र कुमार राज ने बताया कि प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को राहत शिविरों में शरण दी गई है, जहां भोजन सहित आवश्यक जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है। कुछ गांवों में स्थानीय पंचायतों के माध्यम से भी ग्रामीणों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की जा रही है।

तहसीलदार के मुताबिक सोमवार शाम तक जलस्तर में करीब 2 से 3 फीट की कमी आई है। यदि पानी घटने का सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ की चपेट में आए गांवों में मंगलवार सुबह तक स्थिति में और सुधार आने की उम्मीद है।

प्रशासन अलर्ट, ग्रामीणों को सावधानी की सलाह

महानदी का जलस्तर घटने से फिलहाल राहत के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन प्रशासन अभी भी पूरी तरह अलर्ट है। नदी किनारे और निचले इलाकों में निगरानी जारी है। ग्रामीणों से नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों और जलमग्न रास्तों पर जाने से बचने की अपील की जा रही है। लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के कारण स्थिति में बदलाव की संभावना को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल जलस्तर में आई गिरावट ने प्रभावित गांवों के लोगों के लिए राहत की उम्मीद जरूर बढ़ा दी है।

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