महानदी का रौद्र रूप दिखा, पोरथ शिव मंदिर डूबा और कई गांवों में घरों तक पहुंचा पानी, लात नाला पुल बंद, सारंगढ़-रायगढ़ मार्ग पर भी आवागमन प्रभावित..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// छत्तीसगढ़ में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश के बाद महानदी ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर से सारंगढ़-बिलाईगढ़ और आसपास के नदी किनारे के इलाकों में हालात बिगड़ने लगे हैं। कई गांवों की सड़कें और खेत जलमग्न हो गए हैं, जबकि कुछ जगहों पर पानी घरों तक पहुंच गया है। जलभराव के कारण कई प्रमुख रास्तों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

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सारंगढ़-रायगढ़ रोड पर पानी, लात नाला पुल बंद

सारंगढ़-रायगढ़ मार्ग पर टीमरलगा के पास पानी भरने के कारण रास्ते को बंद किया गया है। इसी मार्ग पर मांड नदी के पास डभरा तिराहे में भी पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं चंद्रपुर क्षेत्र में लात नाला पुल के ऊपर पानी आ जाने के कारण रास्ता बंद कर दिया गया है। तेज बहाव वाले रास्तों से लोगों को दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

पोरथ का ऐतिहासिक शिव मंदिर फिर पानी में डूबा

महानदी का जलस्तर बढ़ने का सीधा असर सरिया तहसील के महानदी तट पर स्थित ऐतिहासिक पोरथ शिव मंदिर पर पड़ा है। सुबह से जलस्तर बढ़ने के बाद मंदिर परिसर में पानी भर गया और मंदिर जलमग्न हो गया। महानदी के दोनों किनारों पर स्थित खेतों में भी पानी भर चुका है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

दर्जनों गांवों में सड़क और खेत जलमग्न

महानदी किनारे बसे विजयपुर, बुदबुदा, लिप्ती, पिहरा, नदीगांव, परसरामपुर, सुरसी, सूरजगढ़, रानीडीह, कोर्रा, पोरथ, तोरा, ठेंगागुड़ी, बोरिदा और लुकापारा समेत कई गांवों में पानी का असर दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर सड़कों और खेतों में पानी भरने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है। पुसौर क्षेत्र में भी स्थिति बिगड़ने लगी है। सूरजगढ़, नवापाली, चंघोरी, बाराडोली, तेलीपाली, त्रिभोना और हल्दी समेत आसपास के कई गांवों में खेतों और सड़कों पर पानी भरने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा चंद्रपुर स्थित महानदी पुल पर पानी खतरे के निशान के ऊपर बह रहा है। पुल के बीच स्थित मां नाथलदाई मंदिर के चारों तरफ पानी भर जाने की जानकारी सामने आई है।

नदीगांव में डाकघर और पीडीएस गोदाम में घुसा पानी

नदी किनारे बसे नदीगांव में जलभराव का असर सरकारी संस्थानों पर भी पड़ा है। यहां डाकघर और पीडीएस गोदाम में पानी भर गया है। ग्रामीणों की मदद से पीडीएस गोदाम में रखी सामग्री को सुरक्षित निकालने का काम किया जा रहा है, जबकि पानी भरने के कारण डाकघर को बंद कर दिया गया है।

गंगरेल और ऊपरी बांधों से छोड़े जा रहे पानी का असर

लगातार बारिश के साथ गंगरेल समेत ऊपरी बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी और मांड नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं महानदी में बढ़ते पानी के बीच हिराकुंड डैम के 24 गेट खोले जाने की जानकारी है। इसके बाद नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन की निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है।

खेतों में खड़ी धान की फसल डूबी, किसानों की बढ़ी चिंता

महानदी का पानी खेतों में भरने से धान की खड़ी फसल प्रभावित हुई है। किसानों को चिंता है कि यदि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहा तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है। नदी किनारे बसे गांवों में सबसे ज्यादा चिंता घरों में पानी घुसने और खेती खराब होने को लेकर है। कई निचले इलाकों में ग्रामीणों के सामने सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की स्थिति बन रही है।

जलस्तर और बढ़ा तो बढ़ सकती है मुश्किल

महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन नदी किनारे और निचले इलाकों पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों को नदी के पास जाने और तेज बहाव वाले रास्तों से गुजरने से बचने की सलाह दी जा रही है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के अन्य गांवों में भी पानी घुसने की आशंका है। आने वाले घंटों में नदी का जलस्तर और बढ़ता है या स्थिर होता है, इसी पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।

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