अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन, माफिया-सिंडिकेट पर नकेल कसने व पत्रकारों को पुख्ता सुरक्षा देने की मांग..
सत्ता और भ्रष्ट सिस्टम की आँखों में आँखें डालकर सच लिखना अब मानों गुनाह बना दिया गया है शासन-प्रशासन की अव्यवस्था, घोटालों और भ्रष्टाचार के खिलाफ जैसे ही कोई कलमकार आवाज़ उठाता है, बौखलाया हुआ माफिया सिंडिकेट और भ्रष्ट तंत्र सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों के निजी जीवन, परिवार और धर्म पर घटिया हमले शुरू कर देता है।




