NDPS जांच पर रेंज स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला, विवेचना में सुधार पर दिया गया जोर..
NDPS जांच पर रेंज स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला, विवेचना में सुधार पर जोर..
सारंगढ़-बिलाईगढ़// नारकोटिक्स मामलों की जांच को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज में एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में रेंज के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को NDPS Investigation की बारीकियों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
विवेचना में तकनीकी त्रुटियों पर चिंता
कार्यशाला की शुरुआत में आईजी ने कहा कि NDPS मामलों में छोटी-छोटी प्रक्रियात्मक गलतियां भी पूरे केस को कमजोर कर देती हैं, जिससे आरोपी को अदालत में फायदा मिल जाता है। उन्होंने जांच को आधुनिक तकनीक और कानूनी मानकों के अनुसार मजबूत करने पर जोर दिया।
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक सारंगढ़-बिलाईगढ़ आंजनेय वार्ष्णेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर (शहर) पंकज पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन निमितेश सिंह और उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
NDPS एक्ट के अहम प्रावधानों पर विशेष प्रशिक्षण
सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय ने NDPS एक्ट से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने धारा 42, 50 और 57 के तहत तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया में सटीकता बनाए रखने, धारा 52 के तहत जब्त सामग्री का मजिस्ट्रेट के सामने प्रमाणीकरण, और 2022 के नियमों के अनुसार सैंपलिंग की प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया।
ड्रग नेटवर्क तक पहुंचने की सीख
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि जांच केवल जब्ती तक सीमित न रहे, बल्कि मादक पदार्थ के स्रोत और गंतव्य तक पूरी कड़ी जोड़कर ड्रग नेटवर्क को खत्म करने पर फोकस होना चाहिए। साथ ही चार्जशीट पेश करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों और अभियोजन शाखा से परीक्षण कराने की बात कही गई।
दस्तावेजीकरण और तकनीक का महत्व
अधिकारियों को साक्ष्य, पंचनामा और नोटिस तैयार करते समय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति और समय की सटीकता का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक तकनीक के उपयोग से विवेचना को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
प्रश्नोत्तर सत्र में दूर हुईं समस्याएं
कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र रखा गया, जिसमें अधिकारियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा कीं। प्रशिक्षक द्वारा इन समस्याओं का समाधान किया गया। इस ऑनलाइन कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों से करीब 100 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में माखनलाल पाण्डेय को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रशिक्षण से NDPS मामलों की जांच की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार आएगा।
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