मेहनत को बनाया हुनर, हुनर को बनाया रोजगार और रोजगार से बनीं ‘लखपति दीदी’, प्रतिमाह करीब 80 हजार रूपए की आय अर्जित कर नीतू दीदी ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी..
ग्राम रिसोरा की नीतू साहू दीदी के लिए आत्मनिर्भरता की राह आसान नहीं थी। सीमित संसाधनों के बीच परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्होंने आगे बढ़ने का रास्ता तलाशा।


