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सारंगढ़-बिलाईगढ़// ग्राम पंचायत गोबरसिंहा में खेत की मेड़ से शीशम पेड़ों की कटाई का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पहले जहां पीड़ित किसान टेकराम पटेल ने संबंधित हल्का पटवारी शंकरलाल सिदार द्वारा तैयार किए गए पंचनामा पर सवाल उठाए थे, वहीं अब मामले में दोबारा शिकायत किए जाने के बाद राजस्व विभाग भी हरकत में आता दिखाई दे रहा है। पीड़ित किसान ने पंचनामा में गंभीर गड़बड़ी और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि किसान टेकराम पटेल ने शिकायत कर बताया था कि उनके निजी खेत की मेड़ पर लगे शीशम एवं अन्य पेड़ों की कटाई कर दी गई है। शिकायत के बाद 12 मई को हल्का पटवारी शंकरलाल सिदार को मौका निरीक्षण के लिए भेजा गया था। मौके पर कटे हुए शीशम पेड़ों के ठूंठ, अन्य पेड़ों के कटे डगाल और अवशेष मौजूद होने की बात कही गई, लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पंचनामा में कई महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार पंचनामा में खेत का खसरा नंबर और रकबा तक दर्ज नहीं किया गया। वहीं खेत में पड़े अन्य पेड़ों के कटे डगाल और अवशेष का भी जिक्र नहीं किया गया। सबसे बड़ा आरोप यह है कि गांव के लोगों के सामने नकुल पटेल द्वारा पेड़ काटने की बात मौखिक रूप से स्वीकार किए जाने के बावजूद उसे भी पंचनामा में शामिल नहीं किया गया। इतना ही नहीं, पंचनामा में उपस्थित लोगों के हस्ताक्षर तो लिए गए, लेकिन स्वयं पटवारी द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है।
मामले को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि मौके पर मौजूद साक्ष्यों और बयान को रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाएगा तो निष्पक्ष जांच पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वहीं कुछ ग्रामीणों ने संबंधित पटवारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
इधर मामले में तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू ने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई एसडीएम कार्यालय स्तर से की जाती है। उन्होंने बताया कि पटवारी द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है, जिसका अभी अवलोकन नहीं किया गया है। अवलोकन के बाद रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय भेजी जाएगी, जिसके आधार पर नियमानुसार फाइन की कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार ने यह भी स्वीकार किया कि पटवारी शंकरलाल सिदार द्वारा तैयार किए गए पंचनामा में गड़बड़ी को लेकर पीड़ित किसान द्वारा दोबारा शिकायत की गई है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरआई और पटवारी की नई जांच टीम गठित कर जल्द जांच कराई जाएगी तथा जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरे मामले में निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई जांच टीम की रिपोर्ट में क्या सामने आता है और क्या संबंधित पटवारी के कृत्य तथा पेड़ कटाई के आरोपियों पर वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई होती है या मामला सिर्फ जांच तक सीमित रह जाता है।


