शेयर करें...
सारंगढ़-बिलाईगढ़// ग्राम पंचायत नौघटा के आश्रित ग्राम छैलफोरा में संचालित शासकीय स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर एक बार फिर जनदर्शन में आवाज उठी है। जनपद सदस्य पूजा संतोष चौहान ने मंगलवार को कलेक्टर को आवेदन सौंपकर स्कूल के लिए नए भवन की स्वीकृति की मांग की। खास बात यह है कि इस संबंध में जनदर्शन के माध्यम से यह दूसरी बार आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
आवेदन में बताया गया है कि छेलफोरा का स्कूल भवन वर्ष 1998-99 में राजीव गांधी शिक्षा मिशन एवं सर्व शिक्षा अभियान के तहत बनाया गया था। वर्तमान में भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। एक ही कमरेनुमा भवन में पांच कक्षाओं के बच्चों को अलग-अलग कोनों में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार स्कूल में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। कार्यालय कक्ष में ही मध्यान्ह भोजन तैयार किया जाता है, जबकि शौचालय की व्यवस्था नहीं है। भवन की दीवारों और छत में दरारें आ चुकी हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे पालकों की चिंता बढ़ गई है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल के समीप संचालित डोलोमाइट खदानों में होने वाली ब्लास्टिंग से भवन को अतिरिक्त नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।जनपद सदस्य पूजा संतोष चौहान ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य और बेहतर शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए छेलफोरा में जल्द नया स्कूल भवन स्वीकृत किया जाए। लगातार दूसरी बार जनदर्शन में उठी इस मांग के बाद अब ग्रामीणों को प्रशासनिक पहल का इंतजार है।


