शेयर करें...
रायगढ़// आगामी गणेश उत्सव और चक्रधर समारोह को देखते हुए रायगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम में अपराध समीक्षा बैठक लेकर जिले में कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों और अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को साफ निर्देश दिए कि अपराधों के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गणेश पंडालों की सुरक्षा पर विशेष नजर
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र की गणेश समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी जरूरी निर्देश देने को कहा। पंडालों के आसपास जाम की स्थिति न बने, पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था हो और रात के समय सुरक्षा के लिए समिति की ओर से वालंटियर तैनात किए जाएं, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गणेश समितियों के सदस्यों के नाम और मोबाइल नंबर पुलिस के पास दर्ज रखने तथा उन्हें थाना प्रभारी, पेट्रोलिंग टीम और डायल-112 का नंबर उपलब्ध कराने कहा गया। पंडालों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और बाहर से आने वाले कलाकारों की जानकारी पहले से लेकर सुरक्षा की तैयारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं विसर्जन को लेकर भी पहले से पूरी कार्ययोजना बनाने और जिला प्रशासन के नियमों का पालन कराने को कहा गया।
सामान्य अपराधों की पेंडेंसी पर नाराजगी
अपराधों के निराकरण की समीक्षा के दौरान थानों में सामान्य अपराधों की पेंडेंसी पर एसएसपी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से मामले लंबित नहीं रहने चाहिए। पेंडेंसी कम करने के लिए प्रत्येक थाना प्रभारी कम से कम दो सीनियर आरक्षकों को सामान्य अपराधों की विवेचना सौंपें।
नए कानून के तहत 60 और 90 दिनों के भीतर अपराधों के निराकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। गुम इंसान के मामलों में अपराध दर्ज होने के बाद अपहरण के मामलों की बढ़ती पेंडेंसी को देखते हुए एसएसपी ने बड़े स्तर पर प्रयास कर ऐसे मामलों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।
अच्छे काम पर इनाम, लापरवाही पर कार्रवाई
एसएसपी ने बताया कि हर महीने अपराध निकाल के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि संतोषजनक काम नहीं करने वालों पर कार्रवाई होगी। तीन महीने से ज्यादा पुराने मर्ग मामलों की भी समीक्षा कर उन्हें जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
ब्लैक स्पॉट पर कार्रवाई के साथ जागरूकता
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया। यातायात पुलिस और संबंधित थाना पुलिस को इन स्थानों पर लगातार मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करने के साथ ही लोगों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
अवैध शराब, कबाड़ और जुआ-सट्टे पर कार्रवाई
“ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई और तेज करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही अवैध कबाड़ तथा जुआ-सट्टे से जुड़ी सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। किराएदारों और होटलों में ठहरने वाले लोगों के सत्यापन पर भी जोर दिया गया। थाना प्रभारियों को हर सप्ताह किराएदारों की जांच और होटलों की नियमित जांच करने तथा “समाधान ऐप” में उनकी अनिवार्य एंट्री सुनिश्चित करने कहा गया।
साइबर जागरूकता में रायगढ़ को आगे रखने का लक्ष्य
प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” की समीक्षा करते हुए एसएसपी ने कहा कि साइबर जागरूकता को लेकर प्रदेश के जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है और रायगढ़ पुलिस को इसमें पीछे नहीं रहना है। आम लोगों, विद्यार्थियों और अलग-अलग वर्गों के बीच लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही रायगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और इसमें शामिल फिल्म निर्माताओं, क्रिएटर्स व प्रतिभागियों को जरूरी मार्गदर्शन देने को कहा गया।
बैठक में चक्रधर समारोह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। एसएसपी ने अधिकारियों और थाना-चौकी प्रभारियों को जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा की पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। वहीं प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के प्रशिक्षण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, एएसपी यातायात पुष्पेंद्र बघेल, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, राहुल उईके, शिखर मरावी, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित जिले के थाना, चौकी और शाखा प्रभारी मौजूद रहे।


