पिता ने बस में बैठाया, बेटे ने कहा- ‘हॉस्टल पहुंच गया हूं’, दो दिन बाद रेलवे ट्रैक पर मिली लाश..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के ग्राम जगलबेड़ा निवासी किसान भुवनेश्वर चौधरी के 17 वर्षीय इकलौते बेटे अश्वनी चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अश्वनी सारंगढ़ के के.पी. स्कूल बंधापाली में 11वीं कक्षा का छात्र था और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था। 6 सितंबर को पिता ने उसे सारंगढ़ जाने वाली बस में बैठाया था। इसके बाद अश्वनी ने फोन कर परिवार को बताया कि वह हॉस्टल पहुंच गया है। लेकिन करीब 48 घंटे बाद 8 सितंबर की देर रात उसका शव खरसिया के रेलवे ट्रैक पर मिला।

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रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटे मिले शव के पास स्कूल का आई-कार्ड मिला, जिसके आधार पर उसकी पहचान अश्वनी के रूप में हुई। जानकारी के मुताबिक 6 सितंबर की शाम अश्वनी ने एक अज्ञात नंबर से घर फोन किया था। उसने बताया था कि उसके साथी अभी नहीं आए हैं, इसलिए वह एक शिक्षक के साथ घूमने जा रहा है। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को वह न तो स्कूल में दिखाई दिया और न ही हॉस्टल में था। इसके बावजूद परिजनों को उसकी गैरहाजिरी की जानकारी नहीं दी गई।

हॉस्टल और स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल

अश्वनी के दो दिनों तक स्कूल और हॉस्टल से गायब रहने की जानकारी प्रबंधन को थी या नहीं, यह अब जांच का अहम सवाल बन गया है। अगर छात्र हॉस्टल नहीं पहुंचा था तो उसकी तलाश क्यों नहीं की गई? परिजनों को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई? इसी तरह स्कूल में उसकी अनुपस्थिति दर्ज हुई थी तो घरवालों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई, इन सवालों के जवाब भी जरूरी हैं।

प्राचार्य सुदामा चौहान की ओर से यह कहा गया है कि परिजनों ने उसके आने की सूचना नहीं दी थी। लेकिन इस जवाब के बाद भी सवाल उठ रहा है कि नियमित हॉस्टल छात्र के स्कूल और हॉस्टल दोनों जगह नहीं पहुंचने पर प्रबंधन ने खुद इसकी जानकारी लेने की कोशिश क्यों नहीं की। मामले में हॉस्टल की उपस्थिति, आने-जाने का रिकॉर्ड और उस दौरान छात्र की गतिविधियों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

आत्महत्या, हादसा या कोई और वजह?

अश्वनी आखिर सारंगढ़ से करीब 40 किलोमीटर दूर खरसिया रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा, यह फिलहाल सबसे बड़ा सवाल है। क्या वह खुद वहां पहुंचा, किसी के साथ गया या किसी ने उसे वहां पहुंचाया? घर पर जिस अज्ञात नंबर से फोन आया था, वह किसका था और उस कॉल के बाद अश्वनी किन लोगों के संपर्क में था, इसकी जानकारी जांच से सामने आ सकती है।

परिजन और स्थानीय लोग पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल खरसिया पुलिस, सारंगढ़ पुलिस और रेलवे पुलिस मामले की जांच में जुटी हैं। अज्ञात मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल, सारंगढ़ से खरसिया के बीच के सीसीटीवी फुटेज, स्कूल-हॉस्टल के रिकॉर्ड और छात्र के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अश्वनी की मौत के पीछे क्या वजह थी। अभी हत्या, आत्महत्या या हादसे में से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

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