खबर का असर : डीजल अनियमितता पर डभरा का यशदेव किसान सेवा केंद्र पेट्रोल पंप सील, जांच टीम की बड़ी कार्रवाई..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला अंतर्गत बरमकेला तहसील के डभरा(लोधिया)स्थित यशदेव किसान सेवा केंद्र पेट्रोल पंप पर डीजल वितरण में अनियमितता की लिखित शिकायतों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप को सील कर दिया है। किसानों की शिकायत, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आपत्ति और मामले के लगातार सामने आने के बाद हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

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सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार कि किसानों के नाम पर संचालित इस पेट्रोल पंप में लंबे समय से डीजल वितरण को लेकर सवाल उठ रहे थे। किसानों का आरोप था कि खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में उन्हें केवल 05 से 10 लीटर डीजल देकर टाल दिया जाता था, जबकि रात के समय क्रेशर, खदान और उद्योग से जुड़े लोगों को बड़ी मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जा रहा था। इससे किसान घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद पर्याप्त डीजल नहीं मिलने से परेशान थे।

मामले को लेकर ग्राम पंचायत डभरा (लोधिया) की सरपंच सावित्री पुरुषोत्तम सिदार सह पूर्व सरपंच प्रतिनिधि सुशील नायक ने लिखित शिकायत तहसीलदार बरमकेला को सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि यशदेव कृषि सेवा केंद्र पेट्रोल पंप के द्वारा संचालित इस पेट्रोल पंप में किसानों को प्राथमिकता देने के बजाय कथित रूप से अन्य व्यवसायिक उपयोगकर्ताओं को मनमाने तरीके से डीजल दिया जा रहा है।

इधर इस गंभीर विषय को लेकर राजधानी 24 न्यूज में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर के निर्देश पर जांच टीम गठित कर मौके पर कार्रवाई की गई। जांच के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने दस्तावेजों और डीजल वितरण व्यवस्था की पड़ताल की, जिसके बाद पेट्रोल पंप को सील करने की कार्रवाई की गई।

कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ताओं को दरकिनार किया गया है

इस मामले में एक बात यह रही कि कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता वर्तमान सरपंच और पूर्व सरपंच प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहना चाहिए था लेकिन संबंधित मामले में जांच टीम द्वारा उनको बुलाना मुनासिब नहीं समझा। इससे पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय लोगों की नजर बनी रही और कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

जांच टीम में तहसीलदार पुष्पराज, सहायक खाद्य अधिकारी विद्यानंद पटेल और नापतौल निरीक्षक शामिल रहे, जिन्होंने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।क्षेत्र में लगातार डीजल संकट और किसानों की परेशानी के बीच हुई यह कार्रवाई कई सवाल भी छोड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायतें पहले से थीं तो कार्रवाई में इतनी देर क्यों हुई? वहीं अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है और पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ आगे क्या वैधानिक कार्रवाई की जाती है। फिलहाल डभरा में हुई इस कार्रवाई को किसान राहत और प्रशासनिक सख्ती के रूप में देख रहे हैं जबकि जिले के अन्य पेट्रोल पंपों में भी डीजल वितरण व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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