फर्जी मानव अधिकार संगठन के नाम पर वसूली, 6 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार..

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अंबिकापुर// छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर क्षेत्र में एक संगठित ठगी और वसूली गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह खुद को “मानव अधिकार एंटी क्राइम एंटी करप्शन” संगठन का सदस्य बताकर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से अवैध वसूली कर रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए सीतापुर पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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गिरफ्तार आरोपियों में 5 पुरुष और 1 महिला श्यामलाल सारथी (54 वर्ष) और रामाकांत मिंज (34 वर्ष) निवासी रायगढ़, अनुज भगत (37 वर्ष) निवासी गोधनपुर अंबिकापुर, आकाश केरकेट्टा (27 वर्ष) निवासी नमनाकला अंबिकापुर, अबित खेस (27 वर्ष) निवासी विश्रामपुर और एक युवती शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने कई अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की वसूली करना स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल को वे बतौली क्षेत्र के देवरी गांव गए थे, जहां एक घर में फर्जी डॉक्टर का हवाला देकर पैसे वसूले थे। इसके बाद लुंड्रा थाना क्षेत्र के राता गांव में भी उन्होंने लोगों को धमकाकर पैसे लिए। 21 अप्रैल को नकना गांव में दो घरों से कुल 5 हजार रुपये की वसूली की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी लोगों को डराने-धमकाने और खुद को एक प्रभावशाली संगठन का सदस्य बताकर पैसे ऐंठते थे। वे खुद को “मानव अधिकार” से जुड़ा बताकर कार्रवाई का भय दिखाते और ग्रामीणों को मानसिक रूप से दबाव में लाकर उनसे रकम वसूलते थे। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाता था। आरोपी लोगों के बीच अपनी पहचान इस तरह से बनाते थे कि वे किसी बड़े एंटी क्राइम और एंटी करप्शन नेटवर्क का हिस्सा हैं, जिससे लोग डरकर उनकी मांगें पूरी कर देते थे।

पुलिस को मिली शिकायतों के आधार पर जब जांच शुरू की गई, तो आरोपियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई। इसके बाद एक सुनियोजित कार्रवाई करते हुए सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, इस गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रायगढ़ और सरगुजा जिले के निवासी हैं। इनके खिलाफ धोखाधड़ी, जबरन वसूली और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।

स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा है कि इस तरह के फर्जी संगठनों के कारण आम लोगों में डर का माहौल बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी अक्सर सरकारी कार्रवाई या कानूनी पचड़े में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगते थे।

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