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सारंगढ़-बिलाईगढ़// पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 16 जून 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश के तहत प्रदेशभर में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) और सहायक परियोजना अधिकारियों सहित कुल 27 अधिकारियों का तबादला किया गया था। आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया था कि सभी अधिकारी 10 दिनों के भीतर अपनी नवीन पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करें।
इसी आदेश के तहत जनपद पंचायत बरमकेला के सीईओ अजय पटेल का तबादला धमधा जनपद (जिला दुर्ग) किया गया था। उनके स्थान पर शिशिर कुमार शर्मा को बरमकेला जनपद का नया सीईओ नियुक्त किया गया। वहीं जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में प्रतीक प्रधान के स्थान पर योगेश्वरी बर्मन को नया सीईओ बनाया गया है। प्रतीक प्रधान को मोहला-मानपुर-चौकी जिले में पंचायत सहायक परियोजना अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
हालांकि, स्थानांतरण आदेश जारी होने के 24 दिन बाद भी बरमकेला जनपद पंचायत में स्थिति अलग दिखाई दे रही है। विभागीय आदेश के बावजूद अजय पटेल अब भी बरमकेला जनपद सीईओ की कुर्सी पर बने हुए हैं। इससे यह सवाल उठने लगा है कि जब शासन ने स्पष्ट समय-सीमा तय की थी, तो अब तक नवीन पदस्थापना पर कार्यभार क्यों नहीं संभाला गया?
जानकारों का कहना है कि स्थानांतरण आदेशों का समय पर पालन प्रशासनिक व्यवस्था के लिए आवश्यक होता है। यदि किसी अधिकारी को कार्यमुक्त नहीं किया जाता या वह निर्धारित समय में नई पदस्थापना पर नहीं पहुंचता, तो इससे शासन के आदेशों की गंभीरता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अजय पटेल को अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है, या फिर किसी प्रशासनिक कारण से स्थानांतरण पर रोक जैसी स्थिति बनी हुई है? यदि ऐसा है तो अब तक विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
सरकारी आदेश में 10 दिनों के भीतर पदभार ग्रहण करने का स्पष्ट निर्देश था, लेकिन 24 दिन बीत जाने के बाद भी बरमकेला जनपद में पूर्व सीईओ का बने रहना चर्चा का विषय बन गया है। ऐसे में सबकी नजर अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जिला प्रशासन पर है कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है।


