वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों का आंकड़ा पहुंचा 20, 17 की हालत बेहद नाजुक-लड़ रहे जिंदगी और मौत के बीच की जंग..

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सक्ती// छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंगीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर पाइपलाइन विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसे के बाद से प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार बचाव और उपचार कार्य में जुटी हुई हैं।

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प्रशासन के अनुसार, घायलों में से 18 मजदूरों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। इनमें से 17 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है और वे जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को रायगढ़ के जिंदल अस्पताल के बर्न यूनिट सहित अन्य सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था भी की है। पांच एयर एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को तुरंत बेहतर इलाज के लिए अन्य शहरों में भेजा जा सके। इसके अलावा, हैदराबाद के एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के साथ भी टाई-अप किया गया है, ताकि रेफरल की स्थिति में इलाज में कोई देरी न हो।

घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह दुर्घटना किन कारणों से हुई। इस हादसे में मृतकों की सूची भी सामने आई है, जिनमें छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के श्रमिक शामिल हैं। कई शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण उनकी पहचान की प्रक्रिया अभी भी जारी है।

वहीं हादसे के बाद मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री द्वारा भी मृतकों के परिजनों हेतु 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।

इसके अलावा कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रहेगा और परामर्श (काउंसलिंग) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी एक श्रमिक ने रुंधे गले से घटना का दर्दनाक मंजर बयां किया। उसने बताया कि हम रोज की तरह काम कर रहे थे, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ, जैसे धरती फट गई हो। कुछ ही सेकंड में चारों तरफ गर्म भाप और यूमधुएं का गुबार छा गया। कई साथी मौके पर ही झुलस गए, कोई भागने का मौका तक नहीं मिला।

उनसे आगे कहा कि यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि उन परिवारों की उम्मीदें हैं जो दूर-दराज के राज्यों से रोजी-रोटी की तलाश में यहां आए थे। इस हादसे ने न केवल कई जिंदगियां छीन लीं, बल्कि अनेक परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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