दूसरी शादी पर हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी, अधूरी रस्मों पर किसी महिला को पत्नी का दर्जा देना गलत..
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दूसरी शादी से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए हिंदू विवाह कानून की स्पष्ट व्याख्या की है। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि पहली पत्नी के जीवित रहते केवल चूड़ी पहनाकर, सिंदूर लगाकर या किसी सामाजिक रस्म के माध्यम से की गई दूसरी शादी को हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अंतर्गत वैध विवाह नहीं माना जा सकता।


