बरमकेला के बाद अब सारंगढ़ जनपद में भी सियासी घमासान, 16वें वित्त की राशि आवंटन को लेकर भाजपा समर्थित सदस्यों ने कलेक्टर से की शिकायत..

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सारंगढ़ बिलाईगढ़// जनपद पंचायत बरमकेला के बाद अब सारंगढ़ जनपद पंचायत में 16वें वित्त की राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा समर्थित जनपद सदस्यों ने कलेक्टर से शिकायत कर आरोप लगाया है कि 23 सितंबर को हुई सामान्य सभा की बैठक में उन्हें विकास कार्यों के लिए राशि से पूरी तरह वंचित कर दिया गया। सदस्यों का कहना है कि करीब 1 करोड़ 51 लाख रुपए की राशि में उनके क्षेत्र के लिए एक रुपए का भी विकास कार्य स्वीकृत नहीं किया गया, जिससे लगभग 50 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित होने की स्थिति बन रही है।

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शिकायत में भाजपा समर्थित जनपद सदस्यों ने बैठक की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सामान्य सभा की बैठक की विधिवत सूचना उन्हें नहीं दी गई और केवल व्हाट्सएप के जरिए जानकारी दी गई। सदस्यों का कहना है कि पहले भी बैठकों की सूचना विधिवत नहीं दिए जाने को लेकर तत्कालीन कलेक्टर से शिकायत की जा चुकी है। 23 सितंबर की बैठक में प्रस्तावों की प्रति उपलब्ध नहीं कराने, आपत्ति दर्ज करने के बावजूद उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

भाजपा समर्थित सदस्यों ने कलेक्टर से 23 सितंबर की सामान्य सभा में पारित निर्णय को रद्द करने और उनके क्षेत्रों में भी 16वें वित्त से विकास कार्य स्वीकृत करने की मांग की है। साथ ही सदस्यों के प्रस्तावों को बैठक के प्रस्ताव में शामिल करने की मांग रखी गई है। शिकायत में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राधेश्याम नायक पर भाजपा समर्थित सदस्यों के साथ लगातार भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग भी की गई है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं, जिन पर प्रशासन या संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना बाकी है।

बरमकेला के बाद अब सारंगढ़ में भी सियासी खींचतान

खास बात यह है जिले में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जनपद पंचायत बरमकेला में भी जनपद अध्यक्ष और सीईओ को लेकर भाजपा समर्थित सदस्यों और जनपद नेतृत्व के बीच विवाद सामने आ चुका है। भाजपा सदस्यों ने इस मामले की शिकायत मंत्री ओपी चौधरी से भी की थी। अब सारंगढ़ जनपद में 16वें वित्त की राशि के बंटवारे और सामान्य सभा की बैठक की प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने जिले की जनपद पंचायतों में चल रही अंदरूनी खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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