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सारंगढ़-बिलाईगढ़// छत्तीसगढ़ में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश के बाद महानदी ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर से सारंगढ़-बिलाईगढ़ और आसपास के नदी किनारे के इलाकों में हालात बिगड़ने लगे हैं। कई गांवों की सड़कें और खेत जलमग्न हो गए हैं, जबकि कुछ जगहों पर पानी घरों तक पहुंच गया है। जलभराव के कारण कई प्रमुख रास्तों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन नदी किनारे और निचले इलाकों पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों को नदी के पास जाने और तेज बहाव वाले रास्तों से गुजरने से बचने की सलाह दी जा रही है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के अन्य गांवों में भी पानी घुसने की आशंका है। आने वाले घंटों में नदी का जलस्तर और बढ़ता है या स्थिर होता है, इसी पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।
जिले में जलस्तर की स्थिति
साराडीह बैराज: 27 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार साराडीह बैराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 204.55 मीटर तथा डाउनस्ट्रीम जलस्तर 204.50 मीटर दर्ज किया गया। दोनों जलस्तरों में 0.050 मीटर का अंतर है। बैराज के 81 गेट 9 मीटर तक खुले हुए हैं, जबकि सभी गेट बंद की संख्या शून्य है। बैराज का सिल लेवल 197 मीटर है।
आरएसपी गंगरेल बांध: 27 सितंबर को दोपहर 1 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार गंगरेल बांध में पानी की आवक लगातार कम हो रही है। वर्तमान में महानदी नदी में 13,584 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
कलमा बैराज: 27 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे कलमा बैराज का जलस्तर 199.70 मीटर दर्ज किया गया। बैराज का एफआरएल 197 मीटर तथा खतरे का जलस्तर 198.50 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर खतरे के स्तर से 1.20 मीटर ऊपर है।



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