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सरगांव। ग्राम पंचायत बिदबिदा में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। गांव में लंबे समय से नीचे झूल रहे बिजली के तार की चपेट में आने से 60 वर्षीय किसान मांघीलाल राजपूत की खेत में काम करने के दौरान करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, मांघीलाल राजपूत रोज की तरह अपने खेत में कृषि कार्य करने गए थे। इसी दौरान जमीन से लगभग पांच फीट की ऊंचाई पर झूल रहे बिजली के तार उनके सिर से टकरा गए। तेज करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि नीचे लटके तारों की शिकायत बिजली विभाग से कई बार की जा चुकी थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी तार के लूज होकर गिरने से गौवंशों की मौत हो चुकी है
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन घटनास्थल पहुंचे और किसी भी व्यक्ति को तार के पास नहीं जाने दिया, जिससे कोई दूसरा हादसा न हो। प्रशासन के पहुंचने के बाद शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। लोगों ने मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा देने, लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने तथा पूरे क्षेत्र में नीचे लटके बिजली तारों को सुधारने की मांग किए हैं
वहीं, सरगांव के कनिष्ठ अभियंता (जेई) खगेश नेताम ने बताया कि लगातार बारिश के कारण बिजली का खंभा झुक गया था, जिससे तार नीचे आ गए और यह हादसा हुआ। विभाग द्वारा मामले की जांच और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।


