खबर का असर: तबादले के बाद भी नहीं किया जॉइन, पंचायत विभाग ने 11 अधिकारियों को किया तत्काल भारमुक्त, बरमकेला और बिलाईगढ़ जनपद सीईओ भी सूची में..

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रायपुर// छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तबादला आदेश के बावजूद नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 11 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से भारमुक्त करते हुए उन्हें नई पदस्थापना पर तत्काल जॉइन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

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दरअसल, 16 जून 2026 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ), सहायक परियोजना अधिकारियों और विकास विस्तार अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया था। आदेश में स्पष्ट रूप से 10 दिनों के भीतर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई अधिकारी पुराने पदों पर ही बने रहे।

सरकार ने दिखाई सख्ती

लगातार आदेश की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अब सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से भारमुक्त कर दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि अब इन अधिकारियों का वेतन पुराने कार्यालय से नहीं, बल्कि नई पदस्थापना वाले कार्यालय से ही आहरित किया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

बरमकेला और बिलाईगढ़ के सीईओ भी सूची में शामिल

इस कार्रवाई में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दो अधिकारी भी शामिल हैं। जनपद पंचायत बरमकेला के सीईओ अजय पटेल और जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के सीईओ प्रतीक प्रधान का नाम उन अधिकारियों में शामिल है, जिन्होंने तबादले के बाद भी समय पर नई जगह कार्यभार ग्रहण नहीं किया था।

स्थानीय मीडिया की खबर के बाद बढ़ी हलचल

इन दोनों अधिकारियों के लंबे समय तक पुराने पद पर बने रहने को लेकर स्थानीय मीडिया ने लगातार खबरें प्रकाशित की थीं। खबरों में यह सवाल उठाया गया था कि जब शासन ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है, तब भी अधिकारी नई पदस्थापना पर क्यों नहीं पहुंच रहे हैं। मामला शासन के उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया।

जुगाड़ नहीं आया काम

सूत्रों के अनुसार, तबादला रुकवाने और पुराने पद पर बने रहने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए, लेकिन शासन के सख्त रुख के सामने सभी कोशिशें बेअसर साबित हुईं। अंततः विभाग ने सीधे मंत्रालय स्तर से कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को भारमुक्त कर दिया।

प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने का संदेश

इस कार्रवाई को सरकार का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि तबादला आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार प्रशासनिक कसावट लाने और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों के स्थान पर नए अधिकारियों की नियुक्ति कर व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। अब संबंधित अधिकारियों को अपने नए पदस्थापना स्थल पर तत्काल कार्यभार संभालना होगा।

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