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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले के धान उपार्जन केंद्र साल्हेओना में धान खरीदी के दौरान बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। किसानों के नाम पर बिना धान आवक के फर्जी तरीके से ऑनलाइन एंट्री कर शासन और समिति की राशि गबन करने के मामले में सरिया पुलिस ने समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में करीब 99 लाख 12 हजार 411 रुपये की गड़बड़ी सामने आने के बाद सहकारी और खाद्य विभाग सहित प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 23 मई 2026 को सहायक खाद्य अधिकारी बरमकेला विद्यानंद पटेल ने थाना सरिया में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत धारा 316(5) और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला कायम किया गया। शिकायत में बताया गया कि धान उपार्जन केंद्र साल्हेओना पंजीयन क्रमांक 245 में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी में गंभीर अनियमितता पाई गई।
कलेक्टर की जांच टीम में खुला बड़ा मामला
धान खरीदी अवधि 15 नवंबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक रही। इस दौरान शिकायतों और संदेह के बाद जिला कलेक्टर द्वारा जांच टीम गठित की गई। टीम में तहसीलदार सरिया कोमल प्रसाद साहू, सहायक खाद्य अधिकारी विद्यानंद पटेल, सहकारी निरीक्षक अजय सिंह सिदार तथा संग्रहण केंद्र प्रभारी लकेश्वर टंडन को शामिल किया गया था। जांच टीम ने 20 अप्रैल 2026 को साल्हेओना उपार्जन केंद्र का भौतिक सत्यापन किया। जांच में 3140.80 क्विंटल धान और 2045 नग नए जूट बारदानों की कमी पाई गई। धान और बारदानों की कुल कीमत 99,12,411.35 रुपये आंकी गई, जिससे मामला गंभीर हो गया।
फर्जी टोकन और बायोमैट्रिक एंट्री से किया गया गबन
पुलिस जांच में सामने आया कि समिति प्रबंधक बंशीधर पटेल (56 वर्ष), निवासी कटंगपाली ‘अ’ तथा कंप्यूटर ऑपरेटर वासुदेव पटेल (48 वर्ष), निवासी बरमकेला ने किसानों के नाम से बिना धान आवक के फर्जी टोकन जारी कर धान तौल दर्शाया और कंप्यूटर सिस्टम में बायोमैट्रिक डिवाइस तथा आईरिश स्कैनर के माध्यम से ऑनलाइन धान खरीदी की एंट्री की। इस प्रक्रिया के जरिए 3140.80 क्विंटल धान की ऑनलाइन खरीदी दर्ज कर शासन और समिति की करीब 99 लाख रुपये से अधिक की राशि का गबन किया गया। पुलिस के अनुसार यह पूरी कार्रवाई किसानों से मिलीभगत कर की गई।
दस्तावेज, मोबाइल और उपकरण जब्त
विवेचना के दौरान पुलिस ने समिति प्रबंधक बंशीधर पटेल से किसानों की तौल पर्चियां और बायोमैट्रिक ओटीपी से जुड़ा मोबाइल जब्त किया। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर वासुदेव पटेल से दो कंप्यूटर सिस्टम, बायोमैट्रिक डिवाइस और आईरिश स्कैनर बरामद किए गए। साथ ही उपार्जन केंद्र के दस्तावेज और संबंधित पंजी भी सहायक खाद्य अधिकारी से जब्त किए गए। अपराध सिद्ध पाए जाने के बाद दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
यह मामला धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे गबन में और कौन-कौन शामिल थे तथा शासन की राशि की भरपाई कैसे की जाएगी


