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सारंगढ़ बिलाईगढ़// पेट्रोल-डीजल की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर क्षेत्र में विरोध का स्वर तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गोपाल बाघे ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बैल और हल से खेत जोतकर केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और ईंधन संकट को लेकर सवाल उठाए। उनके इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन ने क्षेत्र के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
गोपाल बाघे ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कमी तथा लगातार बढ़ रही कीमतों का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में किसान डीजल के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं, जिससे खेतों की जुताई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार आयात-निर्यात और वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देकर स्थिति को सामान्य बताने की कोशिश कर रही है, जबकि जमीन पर हालात अलग दिखाई दे रहे हैं।
किसानों पर पड़ रहा सीधा असर
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि महंगे ईंधन और सीमित उपलब्धता के कारण खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ट्रैक्टर और कृषि मशीनों के लिए समय पर डीजल नहीं मिलने से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कई किसान मजबूरी में पुराने पारंपरिक तरीकों की ओर लौट रहे हैं और बैल-हल का सहारा लेने को विवश हैं। उनका यह प्रदर्शन किसानों की इसी परेशानी को सामने लाने का प्रयास था।
सरकार से कीमत कम करने और आपूर्ति बढ़ाने की मांग
गोपाल बाघे ने केंद्र और राज्य सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नियंत्रण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ईंधन पर लगाए गए करों में कमी की जाए या राहत दी जाए, ताकि आम लोगों और किसानों को महंगाई से राहत मिल सके। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी की गई, जिससे खेती और रोजमर्रा के काम प्रभावित न हों।उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसानों और आम जनता की परेशानी और बढ़ सकती है।


