विचाराधीन बंदी की जेल में संदिग्ध मौत, परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में किया जमकर हंगामा..

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रायगढ़// जिला जेल में शराब मामले में बंद कोतरा रोड थाना क्षेत्र के ग्राम नवापारा निवासी विचाराधीन बंदी संजय बघेल (25) की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बंदी की मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा मचाया और जेल प्रशासन पर अंदर बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, संजय को कुछ दिन पूर्व ही शराब से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल प्रबंधन ने अचानक तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं।

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इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पिता का सीधा आरोप है कि तीन दिन पहले पुलिस ने उनके बेटे और उसके एक अन्य साथी को शराब बेचने के आरोप में पकड़ा था। परिजनों का दावा है कि पुलिस ने साथी को कथित तौर पर 40 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया, जबकि संजय को जेल भेज दिया गया। पिता के अनुसार जेल के भीतर उनके बेटे के साथ बुरी तरह मारपीट की गई, जो अंततः उसकी मौत का कारण बनी। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सरपंच ने की सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग

गांव के युवक की मौत की खबर फैलते ही नवापारा के सरपंच नंदकुमार भी ग्रामीणों और परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में जेल अधिकारियों की घोर लापरवाही की ओर इशारा किया है। संजय जब जेल गया तो बढ़िया था जेल के अंदर ऐसा क्या हुआ कि उसकी मौत हो गई। मृतक की लाश को भी हमको नहीं दिखाया जा रहा है। सरपंच ने स्पष्ट मांग की है कि यदि संजय की मौत जेल के अंदर हुई किसी अप्रिय घटना का परिणाम है, तो तत्काल जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस मामले में जेल प्रबंधन और संलिप्त दोषियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। आक्रोशित परिजन फिलहाल अस्पताल में डटे हुए हैं और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

घटना के बाद से ही मेडिकल कॉलेज में तनाव का माहौल बना हुआ है। एक विचाराधीन बंदी की इस तरह अचानक हुई मौत ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरे सवालिया निशान लगा दिए हैं। हंगामा कर रहे परिजनों को शांत कराने के लिए पुलिस अधिकारी समझाइश देने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल खबर लिखे जाने तक जेल प्रबंधन या जिला प्रशासन की तरफ से मौत के स्पष्ट कारणों को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आने के बाद ही मौत की असली वजहों का पर्दाफाश हो सकेगा।

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