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धमतरी// धमतरी में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसमें जिस युवक को परिवार ने मृत मानकर अंतिम विदाई दे दी थी, वही 18 दिन बाद अचानक जिंदा अपने घर लौट आया। परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था, लेकिन इस घटना ने एक ऐसा सवाल खड़ा कर दिया है, जिसका जवाब अब पुलिस को तलाशना होगा, आखिर 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास मिले उस शव का अंतिम संस्कार किसका हुआ था ?
जानकारी के मुताबिक संबलपुर मोड़ के पास एक पेट्रोल पंप के नजदीक एक युवक असहाय हालत में बैठा मिला। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दी तो इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के शिवा प्रधान मौके पर पहुंचे। युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया। युवक के पास मिले वोटर आईडी कार्ड से उसकी पहचान गिरौधपुरी, चौकी सुकली बरेली निवासी मोतीलाल विश्वकर्मा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस की मदद से उसे उसके गांव पहुंचाया गया।लेकिन गांव पहुंचते ही ऐसा सच सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।
मोतीलाल को सामने देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। परिजनों के मुताबिक, वे तो उसे मृत समझकर अंतिम संस्कार कर चुके थे।परिवार ने बताया कि 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास एक क्षत-विक्षत शव मिला था। उसकी पहचान मोतीलाल के रूप में की गई और परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। लेकिन अब 18 दिन बाद मोतीलाल खुद परिवार के सामने खड़ा था। जिस घर में कुछ दिन पहले मातम था, वहां अचानक खुशी के आंसू छलक पड़े।
मोतीलाल का जिंदा लौटना परिवार के लिए भले ही किसी चमत्कार से कम नहीं, लेकिन इस पूरे मामले ने शव की पहचान और पुलिस जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस के सामने उस अज्ञात शव की पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती है। जांच से यह साफ होगा कि आखिर पहचान में गलती कहां हुई और 18 दिन पहले जिस शख्स को मोतीलाल समझकर अंतिम विदाई दी गई, वह वास्तव में कौन था। फिलहाल परिवार को उनका बेटा वापस मिल गया है, लेकिन सेमरा नाला से मिले उस शव का रहस्य अभी भी बरकरार है।


