मीसा बंदियों का सम्मान: लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और बलिदान को नमन – मनोज मेहर..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मीसा बंदियों (निशाबंदियों) और लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में लिया गया फैसला एक बड़ा और सराहनीय कदम माना जा रहा है। लोकतंत्र प्रहरी के जिला अध्यक्ष मनोज मेहर ने इस निर्णय को लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया है।

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त्याग और संघर्ष का मिला सम्मान

मनोज मेहर ने कहा कि यह केवल औपचारिक सम्मान नहीं है, बल्कि उन लोगों के साहस, धैर्य और संघर्ष का सम्मान है, जिन्होंने आपातकाल जैसे कठिन समय में भी लोकतंत्र की रक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने के प्रति आभार जताया।

ताम्रपत्र देने का निर्णय सराहनीय

उन्होंने कहा कि मीसा बंदियों को ताम्रपत्र देकर सम्मानित करना बहुत ही अच्छा और प्रेरणादायक कदम है। इससे समाज में उनके प्रति सम्मान और बढ़ेगा, साथ ही नई पीढ़ी को भी उनसे प्रेरणा मिलेगी कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए त्याग और साहस कितना जरूरी है।

मनोज मेहर ने बताया कि सच्चिदानंद उपासने के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल के प्रयासों से ही यह फैसला संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि जीवित और दिवंगत सभी लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की मांग को सरकार द्वारा स्वीकार करना एक ऐतिहासिक फैसला है।

हर जिले में बनेगा लोकतंत्र विजय स्तंभ

उन्होंने इस घोषणा का भी स्वागत किया कि हर जिले में “लोकतंत्र विजय स्तंभ” बनाया जाएगा। उनके अनुसार, ये स्तंभ लोकतंत्र सेनानियों के बलिदान की याद दिलाएंगे और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे।

अंत में मनोज मेहर ने कहा कि यह निर्णय सिर्फ अतीत को याद करने का नहीं, बल्कि भविष्य को मजबूत बनाने का भी कदम है। इससे लोगों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी, और हर नागरिक को अपने कर्तव्यों का एहसास होगा।

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