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सारंगढ़ बिलाईगढ़// श्री श्री राधामाधव आश्रम, विश्वासपुर में हरिनाम भिक्षुक गुरु नरसिंह दास जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित त्रिदिवसीय श्री राधारानी प्राकट्योत्सव (राधाष्टमी) श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। तीन दिनों तक आश्रम परिसर में भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ राधारानी जी का महाभिषेक
राधारानी प्राकट्योत्सव के प्रथम दिवस मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इसके अलावा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणीग्राही भी शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राधारानी जी का भव्य महाभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल, फलों के रस एवं विभिन्न औषधीय द्रव्यों से अभिषेक संपन्न हुआ।
इसके पश्चात राधारानी जी को नवीन वस्त्र एवं आभूषण धारण कराए गए तथा छप्पन भोग अर्पित किया गया। कौशल्या देवी साय ने रास-रासेश्वरी श्री राधारानी जी एवं योग-योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण जी के श्रीचरणों में माथा टेककर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।
108 मृदंगों की गूंज से भक्तिमय हुआ आश्रम परिसर
महोत्सव के अंतिम दिवस 108 खोल (मृदंग) पूजन का भव्य आयोजन किया गया। विभिन्न कीर्तन मंडलियों ने मृदंग एवं करताल की मधुर धुन के साथ विधिवत पूजन संपन्न कराया। श्रीराधारानी के नाम के संकीर्तन में श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। मृदंग और करताल की गूंज से पूरा आश्रम परिसर भक्तिरस में सराबोर हो उठा।
समापन दिवस पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रायगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, अति विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय तथा विशिष्ट अतिथि कैलाश नायक एवं अनुपम पाल उपस्थित रहे।
ध्वजारोहण, दधिभांड उत्सव और महाप्रसाद के साथ हुआ समापन
महोत्सव का समापन ध्वजारोहण, दधिभांड उत्सव, महाप्रसाद वितरण एवं भक्त विदाई के साथ गरिमामय वातावरण में हुआ। तीनों दिनों आश्रम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई।
त्रिदिवसीय श्री श्री राधारानी जन्मोत्सव के सफल एवं भव्य आयोजन के लिए श्री राधामाधव आश्रम समिति के अध्यक्ष कुशल प्रसाद पटेल (रघुनाथ) एवं मीडिया प्रभारी चूड़ामणि पटेल ने आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले सभी सहयोगी साथियों, श्रद्धालुओं एवं दानदाताओं के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। राधारानी के जयकारों और हरिनाम संकीर्तन के साथ विश्वासपुर का यह तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास की अविस्मरणीय छाप छोड़ गया।



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