पेलमा कोल ब्लॉक की जनसुनवाई भी स्थगित; पिछले 6 महीनों में यह तीसरा मामला, आदिवासियों का विरोध लगातार जारी..

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रायगढ़// तमनार में जिंदल पावर के कोल ब्लॉक की जनसुनवाई में हुआ बवाल अब तक असर दिखा रहा है। उस घटना के बाद प्रशासन ने जनसुनवाईयों को संभलकर हैंडल किया है। जहां भी विरोध हो रहा है, जनसुनवाई स्थगित की जा रही है। अब तमनार में पेलमा कोल ब्लॉक की जनसुनवाई भी स्थगित हो गई है। प्रशासन की अपील पर सीईसीबी ने इसे स्थगित करने का आदेश जारी किया। महज एक दिन पहले जनसुनवाई का स्थगित हो जाना सामान्य बात नहीं है। तमनार में एसईसीएल को आवंटित पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना की पर्यावरण जनसुनवाई 19 मई को होनी थी।

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एसईसीएल की इस खुली खदान से 15 मिलियन टन प्रति वर्ष कोयला निकालने का टारगेट है। यह एक विशाल प्रोजेक्ट है, जो करीब 2077 हेक्टेयर में फैलेगा। विरोध को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर सदस्य सचिव छग पर्यावरण संरक्षण मंडल को सोमवार को ही पत्र भेजा गया जिसमें जनसुनवाई को अपरिहार्य कारणों से स्थगित किए जाने का अनुरोध किया गया। सदस्य सचिव ने तुरंत इस पत्र के जवाब में जनसुनवाई को आगामी आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। दरअसल जनसुनवाई के विरोध में ग्रामीण जनदर्शन में कलेक्टोरेट पहुंचे थे। उन्होंने कंपनी की ओर से गांव को दी गई सामग्री वापस करने की अर्जी लगाई थी। इसके बाद ही सदस्य सचिव को पत्राचार किया गया।

नौ गांव हो रहे हैं प्रभावित

इसके पहले पुरुंगा कोल ब्लॉक की जनसुनवाई भी स्थगित हो चुकी है जिसकी नई तारीख का ऐलान नहीं किया जा सका है। अब पेलमा कोल ब्लॉक में भी ऐसा ही हुआ। 15 मिलियन टन सालाना कोयला उत्पादन वाली खदान से पेलमा, उरबा, मडुवाडुमर, लालपुर, हिंझर, जरहीडिह, खर्रा, सक्ता और मिलूपारा प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने सभी गांवों में एकसमान मुआवजा दर लागू करने की मांग की थी।

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