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रायपुर// देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल के दाम में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। मई महीने में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। नई कीमतें लागू होने के बाद राजधानी रायपुर में पेट्रोल ₹107.96 और डीजल ₹101.17 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर हो गया है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ेगा, जिससे सब्जियों, फलों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की आशंका है। ट्रक और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाले सामान महंगे हो सकते हैं। इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
महंगाई की इस मार का असर किसानों पर भी पड़ने वाला है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और सिंचाई के लिए उपयोग होने वाले डीजल पंप का खर्च बढ़ने से खेती की लागत में इजाफा होगा। इससे उत्पादन लागत बढ़ेगी और आने वाले समय में अनाज समेत कृषि उत्पादों के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं।
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से बढ़े दाम
तेल कंपनियों के अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी है। ईरान-अमेरिका तनाव और वैश्विक हालात के कारण पहले करीब 70 डॉलर प्रति बैरल रहने वाला क्रूड अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा और इसी के चलते ईंधन कीमतों में संशोधन किया गया।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ता है। तेल की अंतिम कीमत में कच्चे तेल की लागत, रिफाइनिंग खर्च, कंपनियों का मार्जिन, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकारों का वैट शामिल होता है।
मार्च 2024 के बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी
देश में मार्च 2024 से पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे। लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने जनता को राहत देने के लिए ₹2 प्रति लीटर की कटौती भी की थी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अब कंपनियों ने फिर से रेट बढ़ाए हैं। सरकार के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी बिक्री में हर महीने करीब ₹30 हजार करोड़ तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए दाम
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| भोपाल | 114.65 | 99.74 |
| रायपुर | 107.96 | 101.17 |
| जयपुर | 112.66 | 97.78 |
| पटना | 112.70 | 99.87 |
| चंडीगढ़ | 101.53 | 89.63 |
| लखनऊ | 102.05 | 99.28 |
| देहरादून | 100.20 | 97.10 |


