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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सरिया तहसील के महानदी तट पर बसे बाढ़ प्रभावित ग्राम लिप्ती में बाढ़ का पानी कम होते ही स्वास्थ्य और जागरूकता को लेकर पहल शुरू हो गई। बुधवार को शशिधर पंडा शासकीय महाविद्यालय सरिया के NSS स्वयंसेवकों ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित स्वास्थ्य शिविर में सक्रिय भूमिका निभाई और ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सेवा कार्य किया।

NSS स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिविर की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य जांच कराने और चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। बाढ़ के बाद गांव में स्वास्थ्य संबंधी किसी तरह की परेशानी न हो, इसे लेकर ग्रामीणों को जागरूक रहने की समझाइश भी दी गई। स्वयंसेवकों ने घर-घर और ग्रामीणों के बीच पहुंचकर लोगों को शिविर तक आने के लिए जानकारी दी। इसके अलावा शिविर में ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच किया गया और दवाइयां भी वितरित की गई। वहीं ग्रामीणों में ताजे फल का भी वितरण किया गया।
स्वास्थ्य जागरूकता के साथ स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में भी बताया। उन्होंने नशे से होने वाले सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की जानकारी देते हुए नशामुक्त गांव और स्वस्थ समाज का संदेश दिया। बाढ़ जैसी परिस्थिति के बाद गांव में NSS की यह सक्रियता सेवा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण बनी।
शिविर में NSS कार्यक्रम अधिकारी मनीष खांडेकर, NSS कार्यक्रम अधिकारी हर्षा साहू, NSS कार्यक्रम सहयोगी जयश्री गुप्ता, CHO दिव्या पटेल और अनिता पटेल सहित NSS स्वयंसेवक मौजूद रहे। महानदी के किनारे बसे लिप्ती में बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर स्वयंसेवकों द्वारा चलाया गया यह जागरूकता अभियान ग्रामीणों के लिए उपयोगी रहा।



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