शेयर करें...
सारंगढ़-बिलाईगढ़// सरिया क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी द्वारा लोन की किस्त और बकाया राशि जमा करने के नाम पर 38 महिला हितग्राहियों से कुल 10 लाख 51 हजार 878 रुपये लेने के बाद कंपनी में राशि जमा नहीं करने और नौकरी छोड़कर फरार होने का मामला सामने आया है। मामले में भारत फाइनेंस इंक्लूजन लिमिटेड, इंडसइंड बैंक सरिया के ब्रांच मैनेजर अमिताभ यादव ने सरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कंपनी में कलेक्शन रिकवरी ऑफिसर था कर्मचारी
शिकायत के मुताबिक दुर्गा प्रसाद चंद्रा पिता संतोष चंद्रा, निवासी सोनादुला, थाना मालखरौदा, जिला सक्ती दिसंबर 2023 से सितंबर 2025 तक भारत फाइनेंस इंक्लूजन लिमिटेड में फील्ड स्टाफ और कलेक्शन रिकवरी ऑफिसर के रूप में काम कर रहा था। उसका काम महिला हितग्राहियों से लोन की किस्त की राशि एकत्र कर कंपनी में जमा करना था।
शिकायत में बताया गया है कि इसी दौरान उसने अलग-अलग 38 महिला हितग्राहियों से लोन क्लोज कराने की बात कहकर कुल 10,51,878 रुपये लिए, लेकिन राशि कंपनी में जमा नहीं की। कुछ हितग्राहियों से राशि उसके मोबाइल नंबर पर फोन-पे के माध्यम से भी ली गई। इसके बाद 8 सितंबर 2025 को वह कंपनी को बिना जानकारी दिए नौकरी छोड़कर चला गया।
थाने में दर्ज हुई शिकायत, जांच शुरू
मामले में ब्रांच मैनेजर अमिताभ यादव ने 25 अगस्त 2026 को सरिया थाने में लिखित शिकायत दी। शिकायत की जांच के बाद सरिया पुलिस ने धारा 318(4), 316(5) और 61(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।पुलिस अब महिला हितग्राहियों से लिए गए पैसों, लोन खातों, कंपनी के रिकॉर्ड और फोन-पे के जरिए हुए लेन-देन की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस आरोपी दुर्गा प्रसाद चंद्रा के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की विवेचना और सामने आने वाले दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी।
इन 38 महिलाओं से ली गई राशि का विवरण
शिकायत में दी गई जानकारी के अनुसार, अनिता सिंह से 36,340 रुपये, अंजली सिदार से 10,681 और 15,711 रुपये, विनोदनी निषाद से 70,900 रुपये, दिपाराम साहू से 33,590 रुपये, दुर्गा सिदार से 33,590 रुपये, फगनी चौहान से 75,970 रुपये, फुलवाई यादव से 43,441 रुपये, गायत्री महंत से 42,420 रुपये, जेमा बाई साव से 44,320 रुपये, झुलना साहू से 15,520 रुपये, कांती यादव से 48,750 और 47,112 रुपये, केंवरा बाई सिदार से 99,980 रुपये, क्लोर्सटिका टोप्पो से 49,658 रुपये, कृष्णा चौहान से 57,370 रुपये, कुसुमलता से 32,920 और 23,251 रुपये, ललिता मराठा से 57,370 रुपये, लक्ष्मी चौहान से 49,960 रुपये, मनीषा यादव से 34,820 और 42,420 रुपये, मीराबाई चौहान से 48,997 रुपये, निन्द्रा बाई यादव से 49,960 रुपये, निशा सिदार से 49,960 रुपये, प्रीति दास से 50,650 रुपये, पुष्पा मालाकार से 19,960 रुपये, पुष्पांजलि यादव से 49,711 रुपये, सविता सिदार से 59,960 रुपये, शबिया यादव से 43,972 रुपये, संजू साहू से 25,530 रुपये, संजुक्ता चौहान से 22,170 रुपये, शस्मिता साहू से 30,010 रुपये, शशिका डनसेना से 19,960 रुपये, शीतल सहिस से 34,549 रुपये, सुभाषिनी बरेठ से 48,369 रुपये, सुकांति सिदार से 49,960 रुपये, सुषमा सोनी से 49,960 और 43,300 रुपये, टिकेश्वरी सारथी से 39,574 रुपये, तिलोतमा ध्रुव से 33,310 रुपये, उमा यादव से 83,270 रुपये तथा बिमला महंत से 32,920 और 48,750 रुपये लिए जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है। इन हितग्राहियों से संबंधित लोन खातों में बकाया राशि और जमा की गई रकम का विवरण भी कंपनी की ओर से पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।



