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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चौकी कनकबीरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब और शराब बनाने वाले उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया है। हैं में अबवैध बशराब के खिलाफ⁶ चलाए जा रहे अभियान के तहत चौकी ú पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब और शराब बनाने वाले उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया है। नकार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 200 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की, वहीं मौके पर रखे गए शराब बनाने के लिए तैयार महुआ पास को भी नष्ट किया गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जंगल किनारे झोपड़ी में चल रहा था अवैध कारोबार
जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक टीकाराम खटकर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कनकबीरा धान उपार्जन मंडी के सामने जंगल किनारे बनी झोपड़ी और बाड़ी में अवैध शराब बनाने और बिक्री का काम चल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गवाहों के साथ मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की। मौके पर मौजूद व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम सुंदरलाल मैत्री उर्फ गोलू पिता बोधराम मैत्री उम्र 31 वर्ष निवासी कनकबीरा बस्तीपारा बताया।
200 लीटर शराब और उपकरण जब्त
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अवैध शराब बनाना और बिक्री करना स्वीकार किया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 50-50 लीटर क्षमता वाले चार नीले ड्रम में भरी करीब 200 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 40 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा शराब बनाने में उपयोग होने वाले उपकरण, प्लास्टिक बाल्टी, सिल्वर गंज और इलेक्ट्रिक क्वाइल सहित अन्य सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस ने शराब निर्माण में उपयोग किए जा रहे दो-दो सौ लीटर क्षमता वाले पांच ड्रमों में रखे गुड़, शक्कर और महुआ से तैयार पास को मौके पर ही नष्ट कर दिया।
आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 236/26 के तहत धारा 34(2) और 59(क) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया। बाद में आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध शराब बिक्री और निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक टीकाराम खटकर, प्रधान आरक्षक हीराधर नाग, आरक्षक जगजीवन खुटे, कुंज बिहारी निराला, पोशेंद्र कुर्रे, बिहारी लाल साहू सहित चौकी कनकबीरा के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


