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सारंगढ़-बिलाईगढ़// ग्राम पंचायत बुदबुदा में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर उठे सवालों और लगातार प्रकाशित हो रही खबरों के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। ग्राम बुदबुदा निवासी पत्रकार हेमन्त पटेल द्वारा जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर वित्तीय अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी। शिकायत के बाद यह मामला स्थानीय समाचार पत्रों और न्यूज पोर्टलों में प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है।

जारी आदेश के अनुसार जिला स्तर के दो अधिकारियों और जनपद पंचायत स्तर के एक अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच दल को 15 जून 2026 को ग्राम पंचायत बुदबुदा पहुंचकर मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी सूचना शिकायतकर्ता, वर्तमान सरपंच-सचिव तथा संबंधित पक्षों को भी दे दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को शिकायत और खबरों के बाद उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दरअसल, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के दौरान 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग पारदर्शी तरीके से नहीं किया गया। आरोप है कि ग्राम सभा की नियमित बैठकें आयोजित किए बिना और ग्रामीणों की सहमति लिए बिना विभिन्न मदों में राशि खर्च की गई। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि कई विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और कागजी रिकॉर्ड में अंतर दिखाई देता है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
मामले में तत्कालीन सरपंच शिवानी सिदार, तत्कालीन सचिव दौलतराम जायसवाल के साथ-साथ वर्तमान सरपंच लक्ष्मी पटेल और सचिव पंडित राम सिदार पर भी 15वें वित्त आयोग की राशि के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल जिला प्रशासन द्वारा जांच समिति गठित किए जाने के बाद पंचायत से जुड़े लोगों के बीच हलचल तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें 15 जून को होने वाली जांच पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यपरक होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।




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