पद्मश्री फूलबासन बाई की किडनैपिंग की पूरी कहानी, फोटो लेने के बहाने में गाड़ी में बैठाया, धमकी देती रही युवती..

शेयर करें...

राजनांदगांव// महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता एवं मां बमलेश्वरी फेडरेशन की अध्यक्ष पद्मश्री फुलबासन बाई यादव के कथित अपहरण का गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना मंगलवार की सुबह लगभग 10:30 बजे उनके सुकूल दहन स्थित निवास पर हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी।

Join WhatsApp Group Click Here

जानकारी के अनुसार, एक स्कॉर्पियो वाहन में सवार होकर एक युवती उनके घर पहुंची। उसने फुलबासन बाई यादव से कहा कि वाहन में एक दिव्यांग लड़की बैठी हुई है, जो उनकी बहुत बड़ी प्रशंसक है और उनसे मिलकर फोटो खिंचवाना चाहती है। युवती ने यह भी कहा कि दिव्यांग लड़की वाहन से उतरने की स्थिति में नहीं है, इसलिए वे स्वयं बाहर आकर केवल दो मिनट के लिए फोटो खिंचवा लें।

इस बात पर विश्वास करते हुए फुलबासन बाई यादव वाहन के पास पहुंचीं और गाड़ी के अंदर बैठकर फोटो खिंचवाने की बात कही गई। जैसे ही वह वाहन में बैठीं, पहले से मौजूद दो पुरुषों ने उन्हें जबरदस्ती पकड़कर वाहन के भीतर खींच लिया और गाड़ी को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की।

आरोप है कि इस दौरान उन्हें धमकी भी दी गई और कहा गया कि “आज तुम्हारा केक काटने वाला है, जिसकी सूचना राजनांदगांव को मिल जाएगी।” वाहन में मौजूद युवती ने भी कथित रूप से उन्हें शांत रहने और विरोध न करने की बात कही।

इसी दौरान वाहन शहर के चिखली पुलिस चौकी क्षेत्र में स्थित चेकिंग पॉइंट से गुजर रहा था। गठुला नाला के समीप पुलिस द्वारा सामान्य वाहन जांच की जा रही थी। चेकिंग के दौरान सीट बेल्ट न लगाए जाने पर पुलिस ने स्कॉर्पियो वाहन को रोक लिया और चालानी कार्रवाई के लिए पूछताछ शुरू की।

बताया गया है कि इसी दौरान वाहन में बैठी एक युवती, जिसकी पहचान बेमेतरा जिले के बिमोरी निवासी खुशबू साहू के रूप में हुई है, ने संदिग्ध व्यवहार किया। उसने फुलबासन बाई यादव को चुप रहने के लिए कहा और कथित रूप से उनका मुंह दबाने की कोशिश भी की। इसी बीच फुलबासन बाई ने स्थिति को समझते हुए जोरदार विरोध किया और वाहन के दरवाजे पर पैर मारकर बचाव का प्रयास किया।

उनकी हरकतों और संकेतों को देखकर पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत वाहन की जांच की और फुलबासन बाई यादव को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस ने उन्हें पहचानते हुए तुरंत सुरक्षा प्रदान की और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन में सवार दो महिला और दो पुरुषों को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में मामला आपसी परिचय और व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

फुलबासन बाई यादव ने आरोप लगाया है कि आरोपी युवती लंबे समय से उनसे जुड़ने और उनकी जगह लेने जैसी बातें कर रही थी। आज फोटो खिंचवाने के बहाने उन्हें फंसाकर जबरन वाहन में बैठाया गया।

Scroll to Top