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रायपुर// सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 34 लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये ऐंठ लिए। गिरफ्तार आरोपियों में राजेश शर्मा, जो एक सरकारी शिक्षक है और मनोज कुमार श्रीवास्तव, जो एक प्राइवेट स्कूल में क्लर्क है, शामिल हैं। दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा दिया।
मामले की शुरुआत तब हुई जब प्रार्थी राजपाल बघेल ने राखी थाना में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के नाम से 5 मार्च का फर्जी आदेश तैयार किया था। इस आदेश में परिवहन, राजस्व, वन, पंचायत एवं स्कूल शिक्षा विभागों में भर्ती की सिफारिश दिखाई गई थी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर का भी दुरुपयोग किया और इस फर्जी आदेश को व्हाटसअप के जरिए वायरल कर दिया।
इसके बाद लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली गई। पुलिस जांच में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी राजेश शर्मा की लोकेशन डोंगरगढ़ में मिली, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कर्ज चुकाने के लिए इस ठगी की साजिश रचने की बात कबूल की और अपने साथी मनोज को भी इसमें शामिल करना बताया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से 1.90 लाख रुपये लिए थे, जिन्हें बाद में लौटा दिया गया।
मामले के खुलासे के बाद दोनों आरोपियों ने फर्जी आदेश का प्रसार बंद कर दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर और प्रिंटर जब्त कर लिया है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं सहित आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।


