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सारंगढ़-बिलाईगढ़// विजयदशमी के अवसर पर बरमकेला नगर के साप्ताहिक बाजार परिसर स्थित सार्वजनिक दुर्गा महोत्सव समिति के पंडाल में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। यहां मां दुर्गा की आरती, नवदुर्गा स्वरूप की झांकियों, गरबा और राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद बस स्टैंड के पास 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। कार्यक्रम में सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। रावण दहन और आकर्षक झांकियों को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

नवदुर्गा के स्वरूप में सजी कन्याएं, गरबा ने मोहा मन
दुर्गा पंडाल में नौ कन्याओं ने मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की झांकी प्रस्तुत की। कन्याओं ने गरबा नृत्य भी किया, जिसे देखकर श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान विधायक उत्तरी जांगड़े और नगर पंचायत अध्यक्ष सत्यभामा मनोहर नायक ने मां दुर्गा के चित्र भेंट कर कन्याओं को सम्मानित किया। वहीं विधायक उत्तरी जांगड़े को मां दुर्गा का चित्र और चुनरी भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन स्थल पर पूजा-अर्चना और भंडारे के दौरान भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

रावण की टीम और राम-लक्ष्मण की सेना ने बांधा समां
कार्यक्रम में रावण अपने दल के साथ पहुंचा और अपने अंदाज से लोगों का मनोरंजन किया। कुछ देर बाद भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता, हनुमान और वानर सेना की आकर्षक झांकी भी सामने आई। इन झांकियों ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का ध्यान खींचा। इसके बाद सभी झांकियां अपने-अपने रथों पर सवार होकर बाजे-गाजे के साथ नगर भ्रमण के लिए निकलीं। जुलूस में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने भी उत्सव की रौनक बढ़ा दी।
बस स्टैंड पर हुआ राम-रावण युद्ध, 40 फीट के पुतले का दहन
नगर भ्रमण के बाद झांकियों का जुलूस बस स्टैंड के पास पहुंचा, जहां रावण का 40 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया था। यहां भगवान राम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया गया। युद्ध के बाद भगवान राम का स्वरूप धारण किए कलाकार ने तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया। पुतले में आग लगते ही उपस्थित लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इस दौरान आतिशबाजी और बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों के उत्साह से पूरा माहौल दशहरा उत्सव के रंग में रंग गया।
सार्वजनिक दुर्गा महोत्सव समिति, साप्ताहिक बाजार परिसर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की झांकी, गरबा, राम-रावण युद्ध और रावण दहन ने विजयदशमी के उत्सव को खास बनाया।



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