रायपुर में दिल्ली की चोरी की लग्जरी कारों का बड़ा खुलासा, 25 से ज्यादा गाड़ियां खपाने की थी तैयारी, फर्जी नंबर प्लेट लगी गाड़ियां जब्त..

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रायपुर// राजधानी रायपुर में दिल्ली-एनसीआर से चोरी की गई लग्जरी कारों को खपाने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि चोरी की गई कई महंगी कारों को रायपुर और आसपास के इलाकों में बेच दिया गया था। मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

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जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र से चोरी की गई लग्जरी गाड़ियों को रायपुर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचा जा रहा था। खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस की विशेष टीम रायपुर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी।

रायपुर से 4 संदिग्ध लग्जरी कारें जब्त

दिल्ली पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से रायपुर से अब तक चार लग्जरी वाहनों को जब्त किया है। जांच में पता चला है कि गिरोह चोरी की गाड़ियों के नंबर प्लेट और चेसिस नंबर बदलकर उन्हें वैध वाहन के रूप में पेश करता था।

फर्जी दस्तावेजों का तैयार किया जाता था पूरा नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह वाहन बिक्री के लिए फर्जी आरसी, बिक्री पत्र, बैंक एनओसी और ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेज तैयार करता था। इसके बाद वाहनों पर CG-04 सीरीज की नंबर प्लेट लगाकर उन्हें वैध गाड़ियों की तरह बाजार में बेचा जाता था।

25 से अधिक गाड़ियां बेचने की आशंका

प्राथमिक जांच में करीब 25 से अधिक चोरी की लग्जरी कारों को रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में बेचने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।

खरीदार भी जांच के दायरे में

दिल्ली पुलिस अब उन लोगों की भी जांच कर रही है जिन्होंने ये वाहन खरीदे थे। दस्तावेजों की सत्यता, भुगतान के तरीके और वाहन खरीद-बिक्री की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। कई वाहन मालिकों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

लग्जरी कार मालिकों में हड़कंप

मामले के खुलासे के बाद रायपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में लग्जरी कार खरीदने वालों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। अंतरराज्यीय वाहन चोरी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

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