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रायगढ़// रायगढ़ जिले के तमनार में कोल ब्लाॅक के विरोध में एक दिन पहले हुए हिंसक झड़प के बाद राजनीति गरमा गयी है। खदान के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला करने के साथ ही गाड़ियों को जला दिया था। इस घटना के बाद बढ़ते तनाव को दखते हुए रविवार को जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। बैठक में जनसुनवाई निरस्त करने की मांग पर सहमति बनी है। जिला प्रशासन ने इस संबंध में राज्य शासन को पत्र लिख दिया है
गौरतलब है कि रायगढ़ में कमर्शियल माइनिंग के तहत जेपीएल को कोल ब्लाॅक का आबंटन किया गया है। इस कोल ब्लाक का स्थानीय ग्रामीण पुरजोर तरीके से विरोध कर रहे है। शनिवार को ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन एकाएक हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। आक्रोशित भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात तमनार थाना की थाना प्रभारी कमला पुषाम समेत एसडीओंपी पर जानलेवा हमला कर दिया गया। इसके साथ ही मौके पर खड़ी पुलिस की गाड़ियां और एंबुलेंस को आग के हवाले कर दिया गया।
इस हिंसक झड़प में महिला टीआई गंभीर रूप से घायल हो गयी थी। इस घटना के बाद जहां सूबे की राजनीति गरमा गयी है। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय ग्रामीणों के इस आक्रोश के बाद जिला प्रशासन द्वारा आज एक बार फिर द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की गयी। जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुए इस द्विपक्षीय वार्ता में अहम बातों को लेकर सहमति बनी है। बैठक के दौरान जनसुनवाई निरस्त करने की मांग पर सहमति बनी।
जिला प्रशासन ने इस संबंध में राज्य शासन को पत्र लिख दिया है। बैठक में ग्रामीणों को एसडीएम ने बताया कि कलेक्टर द्वारा जनसुनवाई निरस्त करने की अनुशंसा करते हुए औपचारिक पत्र भेजा गया है। जिला प्रशासन के इस आश्वासन के बाद भी फिलहाल ग्रामीणों ने आंदोलन की समाप्ति को लेकर अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन समाप्त करने पर विचार नहीं किया जाएगा।


