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रायगढ़// डिजिटल टोकन में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच एक युवक को महंगा पड़ गया। रायगढ़ में रहने वाले ओडिशा के युवक ने यूनिटी मेटा टोकन और बीड क्वाइन में निवेश के लिए अपना खेत बेच दिया और 11 लाख 60 हजार रुपये लगा दिए। आरोप है कि निवेश के बाद न तो उसे कोई मुनाफा मिला और न ही उसकी मूल रकम वापस की गई।
शिकायत के बाद रायगढ़ साइबर पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में ओडिशा से लेकर मुंबई तक जुड़े संपर्कों और रकम के लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
डिजिटल टोकन में बड़े मुनाफे का दिया लालच
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता विक्रम परिडा (26), पिता कर्पूर परिडा, मूल निवासी ग्राम डिपाटपुर, जिला गंजाम (ओडिशा), वर्तमान में कसेर पारा, चक्रधरनगर, रायगढ़ में रहता है। वह वर्ष 2024 से रायगढ़ में रह रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान गजुला मोहन से हुई, जो चक्रधरनगर क्षेत्र में एक फास्ट फूड दुकान में कुक का काम करता था।
आरोप है कि गजुला मोहन ने यूनिटी मेटा टोकन और बीड क्वाइन में निवेश कर लाभ कमाने की बात बताई और विक्रम को भी अधिक मुनाफे का लालच दिया। उसकी बातों में आकर विक्रम ने अपना खेत बेच दिया। इसके बाद 25 जुलाई 2024 से 3 सितंबर 2024 के बीच कुल 11 लाख 60 हजार रुपये निवेश कर दिए। लेकिन रकम लगाने के बाद उसे न तो वादा किया गया लाभ मिला और न ही मूल रकम वापस हुई। बार-बार पैसे मांगने के बावजूद रकम नहीं मिलने पर उसने पुलिस से शिकायत की।
बैंक खातों के लेन-देन से सामने आई आरोपियों की भूमिका
पुलिस की जांच में सामने आया कि रकम प्राप्त करने के लिए चंदन दास के माध्यम से बीड क्वाइन से जुड़े काम करने वाले भावेष पटेल के बैंक खाते का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस ने संबंधित बैंक खातों के स्टेटमेंट हासिल कर उनका विश्लेषण किया। जांच में शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच रकम के लेन-देन से संबंधित जानकारी मिलने के बाद तीनों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने की जानकारी मिली है। आरोपियों ने कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किए गए अपने-अपने मोबाइल फोन भी पुलिस को सौंपे हैं, जिन्हें जांच में शामिल किया गया है। हालांकि, मामले में रकम के पूरे प्रवाह और अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
मुख्य आरोपी पर पहले भी धोखाधड़ी का मामला
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी गजुला मोहन के खिलाफ वर्ष 2025 में भी चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज हुआ था। उस प्रकरण में विवेकानंद राउत, देवेंद्र महापात्रे और शरद जैन से संबंधित शिकायत पर अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि उस मामले में न्यायालय से स्टे मिलने के बाद आरोपी फरार चल रहा था। अब पुलिस पुराने मामले से जुड़े तथ्यों और वर्तमान प्रकरण में उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
ओडिशा और मुंबई तक जुड़े संपर्कों की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस को जानकारी मिली है कि मुख्य आरोपी के संपर्क ओडिशा और मुंबई तक जुड़े हो सकते हैं तथा ठगी की रकम आगे दूसरे लोगों तक भेजे जाने की आशंका है। पुलिस इस कड़ी की जांच कर रही है, ताकि रकम के लेन-देन, संभावित नेटवर्क और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा सके। प्रकरण में थाना साइबर, रायगढ़ में अपराध क्रमांक 16/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पता
- गजुला मोहन, पिता जी मंगला डोरा, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम बरमपुर, थाना हिंजली, जिला गंजाम (ओडिशा), वर्तमान निवासी हिमालया हाइट्स, मकान नंबर C-110, संजय नगर, थाना चक्रधरनगर, रायगढ़।
- चंदन दास, पिता बटाकृष्ण दास, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम साबामूला, थाना जगतसिंहपुर (ओडिशा), वर्तमान निवासी आशीष टोप्पो के मकान में, रायगढ़ स्टेडियम के पास, थाना चक्रधरनगर, रायगढ़।
- भावेष पटेल, पिता जगतराम पटेल, उम्र 28 वर्ष, निवासी कारीछापर, थाना पुसौर, जिला रायगढ़।
इस मामले के खुलासे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात पुष्पेंद्र बघेल के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, निरीक्षक विमल राय, सहायक उपनिरीक्षक नंद कुमार सारथी, सहायक उपनिरीक्षक ज्योत्सना शर्मा, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह, प्रधान आरक्षक रूप राम पटेल और आरक्षक पुष्पेंद्र जाटवर की अहम भूमिका रही।
एसएसपी की अपील – ज्यादा मुनाफे के लालच में न फंसें
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल करेंसी, क्रिप्टो टोकन या किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता, विश्वसनीयता और संबंधित संस्था की प्रमाणिकता की जांच जरूर करें। कम समय में रकम दोगुनी करने या असाधारण मुनाफा दिलाने के वादों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। अपनी मेहनत की कमाई या संपत्ति बेचकर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश करने से बचें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।


