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मुंगेली// कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि जिला मुंगेली दलहन उत्पादक जिला है। यहां रबी मौसम में प्रमुख रूप से चना, मटर, तिवड़ा, मसूर, फसल की खेती की जाती है। इसके अलावा प्रमुख तिलहनी फसलों में सरसों, अलसी, कुसुम की खेती की जाती है।
छ.ग. शासन कृषि विभाग के द्वारा कृषकों के मांग अनुसार दलहन एवं तिलहन फसलों के बीज जिले के 43 सेवा सहकारी समितियों में भण्डारण किया जा रहा है। अब तक जिले में गेहूं बीज 473.60 क्विं. एवं चना बीज 332.30 क्विं. का भण्डारण किया जा चुका है। इसके अलावा पंजीकृत निजी बीज विक्रेताओं के द्वारा फसलों के बीजों का विक्रय किया जा रहा है।
फसलों के बीज विक्रय हेतु शासन द्वारा मूल्य निर्धारित किया गया है। जिसके तहत गेहूं ऊंची किस्म 3040 रू. प्रति क्विंटल, गेहूं बौनी किस्म 2960 रू. प्रति क्विंटल, चना समस्त किस्म 6800 रू. प्रति क्विंटल, मटर 9000 रू. प्रति क्विंटल, मसूर समस्त किस्म 7000 रू. प्रति क्विंटल, तिवडा समस्त किस्म 5200 रू. प्रति क्विंटल, सरसों 5750 रू. प्रति क्विंटल, अलसी 5600 रू. प्रति क्विंटल एवं कुसुम 5750 रू. प्रति क्विंटल दर निर्धारित किया गया है। कृषकों से अनुरोध है कि फसलों के बीज शासन द्वारा निर्धारित दर पर नगद एवं परमिट से अपने निकटतम के सेवा सहकारी समिति से क्रय कर सकते हैं।

