21 गांवों की समस्याओं को लेकर धरना स्थल पहुंचे चंद्रदेव राय, मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च की चेतावनी..

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सारंगढ़ बिलाईगढ़// वनांचल क्षेत्र के 21 गांवों में सड़क, बिजली और वन अधिकार पट्टे जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। आंदोलन को समर्थन देने पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए उनके संघर्ष में साथ देने का भरोसा दिलाया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया तो वे ग्रामीणों के साथ रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च करेंगे।

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21 गांवों के अधिकार और भविष्य की लड़ाई

धरना स्थल पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए चंद्रदेव राय ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 21 गांवों के हजारों लोगों के अधिकार, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने राज्य सरकार से वनांचल क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेने और वर्षों से लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने की मांग की।

अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों का किया उल्लेख

चंद्रदेव राय ने अपने विधायक और संसदीय सचिव के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि वनांचल क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए कई विकास कार्यों को स्वीकृति दिलाई गई थी। बया में जिला सहकारी बैंक खुलवाने के साथ बार और मोहदा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में सहकारी समितियां एवं धान उपार्जन केंद्र शुरू कराए गए। बारनवापारा क्षेत्र में नेटवर्क टावर के माध्यम से दूरसंचार सुविधा पहुंचाई गई।

उन्होंने बताया कि सोनाखान, गिरौदपुरी और टुंडरा को तहसील तथा गिरौदपुरी को एसडीएम कार्यालय की सुविधा मिली। इसके अलावा बीएससी एवं एमएससी कॉलेज, अंग्रेजी माध्यम स्कूल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कई कार्यों को स्वीकृति दिलाई गई। गांवों में पानी की टंकियां, सामाजिक भवन, रंगमंच, मुक्तिधाम, सार्वजनिक शौचालय, यात्री प्रतीक्षालय, सीसी रोड, नाली, सोलर लाइट, गौठान और रपटा निर्माण जैसे कार्य भी कराए गए। कंतरा नाला में वृहद पुल निर्माण को भी उन्होंने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

स्वीकृत सड़कें और बिजली की योजनाएं लंबित होने पर जताई चिंता

वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए राय ने कहा कि वनांचल क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य अब तक अधूरे हैं। इनमें गिरौदपुरी से महाराजी-बया होते हुए पिथौरा मार्ग, बया से बारनवापारा होते हुए रायतुम पहुंच मार्ग, तुरतुरिया होते हुए कसडोल मार्ग तथा बिलाईगढ़ से सल्हिया होते हुए बेलारी-सांकरा पहुंच मार्ग शामिल हैं। उनके अनुसार, पूर्व में स्वीकृत इन सड़कों का निर्माण शुरू नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।

उन्होंने बिजली पहुंचाने की प्रस्तावित योजनाओं और सोलर लाइट कार्यों के रुकने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में वनांचल के लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

वन अधिकार पट्टे और बुनियादी सुविधाओं की मांग

धरना स्थल से राय ने सरकार से लंबित विकास कार्य जल्द शुरू कराने, वनांचल के गांवों में बिजली और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने तथा पात्र हितग्राहियों को वर्षों से लंबित वन अधिकार पट्टे वितरित करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि वनांचल के गरीब, आदिवासी, अनुसूचित, पिछड़े और वंचित ग्रामीणों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास का अधिकार केवल शहरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जंगल और पहाड़ों के बीच रहने वाले लोगों को भी सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च के ऐलान को 21 गांवों का समर्थन

चंद्रदेव राय ने कहा कि यदि ग्रामीणों की मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो वे ग्रामीणों के साथ रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च करेंगे। उनके इस आह्वान पर धरना स्थल पर मौजूद 21 गांवों के ग्रामीणों ने हाथ उठाकर आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।

धरना प्रदर्शन में सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। इनमें संजू ठाकुर, सुरेश यादव, हेमंत दुबे, सिद्धांत मिश्रा, दीपक साहू, हेम कुमार दीवान, संतोष ठाकुर, संतोष यादव, ईश्वर साहू और परदेशी राम सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। ग्रामीणों का यह आंदोलन सड़क, बिजली और वन अधिकार पट्टों की लंबित मांगों को लेकर जारी है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।

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