एक सप्ताह तक चला विशेष यातायात अभियान, करीब 500 बच्चों को दी गई सड़क सुरक्षा की जानकारी, स्कूल वाहनों की जांच में 11 चालान..

शेयर करें...

सारंगढ़-बिलाईगढ़// स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिला यातायात सेल ने 24 से 31 अक्टूबर तक एक सप्ताह का विशेष जागरूकता और जांच अभियान चलाया। पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान के दौरान निजी स्कूलों की बसों, वैन और ऑटो की सघन जांच की गई। नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के खिलाफ 11 प्रकरणों में 5 हजार रुपये से अधिक की चालानी कार्रवाई की गई।

Join WhatsApp Group Click Here

स्कूलों में सुरक्षा इंतजामों की जांच

यातायात सेल की टीम ने एपीएस स्कूल, मोना मॉडर्न स्कूल, अशोका पब्लिक स्कूल, सीपीएम स्कूल और भारतमाता साल्हर स्कूल सहित जिले के कई निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया। स्कूल परिसरों में सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली, लाइट, इमरजेंसी मेडिकल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं की जांच की गई। बसों और अन्य स्कूल वाहनों के दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस तथा चालकों के आपराधिक रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया गया। मानकों में कमी मिलने पर स्कूल प्रबंधन को वाहनों की तकनीकी खराबी तत्काल दूर कराने और तय सुरक्षा मानकों के अनुसार ही संचालन करने के निर्देश दिए गए।

सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा घटा

जिले में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में भी बदलाव सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी से 31 अक्टूबर 2025 तक जिले में 239 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं, जिनमें 120 लोगों की मौत और 119 लोग घायल हुए थे। वहीं, इसी अवधि में वर्ष 2026 के दौरान 289 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 96 लोगों की मृत्यु हुई। पिछले वर्ष की तुलना में दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या में 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यातायात सेल इसे लगातार चलाए जा रहे जागरूकता और निगरानी अभियान का सकारात्मक परिणाम बता रहा है।

22 मामलों में भी हुई चालानी कार्रवाई

अभियान के दौरान नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के किनारे बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े करने तथा ढाबों-होटलों के आसपास जाम की स्थिति बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। ऐसे कुल 22 प्रकरणों में 6,600 रुपये का चालान किया गया। इसके अलावा करीब 10 स्कूलों के लगभग 500 बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई। बच्चों को हेलमेट पहनने, तेज गति से वाहन नहीं चलाने और सड़क पर लापरवाही से बचने की समझाइश दी गई। नाबालिगों के वाहन चलाने के मामलों में संबंधित बच्चों और उनके अभिभावकों को चेतावनी देने के साथ परामर्श भी दिया गया।

अगले महीने और तेज होगा अभियान

यातायात सेल प्रभारी जितेन्द्र कुमार चंद्रा ने बताया कि जिले के सभी स्कूल प्रबंधनों से समन्वय बनाकर तकनीकी खराबी वाले वाहनों और वैन को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल वाहनों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुसार ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी महीने में अभियान को और तेजी से चलाया जाएगा।

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन न चलाने दें। स्कूल वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें और सभी वैध दस्तावेज अपने साथ रखें। स्कूल प्रबंधन भी बसों की फिटनेस, परमिट और चालकों के सत्यापन की नियमित जांच करें।

Scroll to Top