7 साल की मासूम से दरिंदगी और हत्या का आरोपी गिरफ्तार, गुस्साए ग्रामीणों ने किया थाना का घेराव, पुलिस बोली – फास्ट ट्रैक कोर्ट में दिलाएंगे सजा..

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रायपुर// छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के राजगामार क्षेत्र में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक जघन्य वारदात सामने आई है। पिछले तीन दिनों से लापता एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस दिल दहला देने वाले अपराध के आरोपी अमित चौहान (40 वर्ष) को पुलिस ने बांगो क्षेत्र के जंगलों से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। शुक्रवार दिन भर रजगामार चौकी के बाहर ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम की स्थिति पैदा कर दी। पुलिस और ग्रामीणों के बीच घंटों तक तीखी नोक झोंक होती रही, जिसके बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।

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राशन दुकान जाने निकली थी मासूम, झाड़ियों में मिला शव

मूल रूप से सक्ती जिले का रहने वाला पीड़ित परिवार करीब चार महीने पहले ही काम की तलाश में रजगामार आया था। वे यहाँ करीम पोल्ट्री फार्म में रहकर मजदूरी करता था। 19 अक्टूबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे पिता ने अपनी 7 वर्षीय बेटी को घर के पास ही स्थित एक राशन दुकान से सामान लाने भेजा था। मासूम दुकान के लिए निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने हर जगह खोजबीन की और अंततः रजगामार पुलिस चौकी में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और डॉग स्क्वायड की मदद से छानबीन शुरू की। दो दिनों की सघन खोजबीन के बाद, गुरुवार को उसी पोल्ट्री फार्म के पीछे झाड़ियों में बच्ची का अर्धनग्न शव बरामद हुआ। शव की स्थिति देखकर ही ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा उबल पड़ा।

थाने के बाहर आमने-सामने पुलिस और ग्रामीण

आरोपी अमित चौहान की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही फैली, रजगामार और आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, जिनमें बड़ी तादाद में महिलाएं और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे, पुलिस चौकी का घेराव कर दिया। घेराव के दौरान माहौल बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण हो गया था। गुस्साए ग्रामीणों ने थाने को चारों तरफ से घेर लिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीड़ की मांग थी कि आरोपी को तुरंत उनके हवाले किया जाए।

इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने थाने के भीतर घुसने का प्रयास किया, जिससे रोकने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों और तैनात पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। महिलाओं ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और रोते हुए न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि ऐसे दरिंदे को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है, उसे सीधे फांसी दी जाए। बढ़ते बवाल को देखते हुए कोरबा जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया ताकि कानून-व्यवस्था न बिगड़े।

पुलिस अधिकारी का आश्वासन और सख्त कार्रवाई का वादा

तनावपूर्ण माहौल के बीच नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से सीधे बातचीत की। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और शुरुआती जांच में यह पूरी तरह से हत्या का मामला है।

बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की पुष्टि और मौत की सटीक वजहें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस इस मामले की पैरवी फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराएगी, ताकि कम से कम समय में आरोपी अमित चौहान को कड़ी से कड़ी सजा (फांसी) दिलाई जा सके। पुलिस के इस पुख्ता आश्वासन और कड़ी कानूनी कार्रवाई के वादे के बाद ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने अपना प्रदर्शन खत्म किया। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन पुलिस बल तैनात है।

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