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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सरिया नगर स्थित मां रामचंडी मंदिर में रविवार, 11 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना हुई। इस अवसर पर बाजे-गाजे और आतिशबाजी के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें सरिया अंचल के करीब 42 गांवों के साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा के श्रद्धालु भी शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार, कलश यात्रा में लगभग 1,500 श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

सोलबंद तालाब से मंदिर तक निकली कलश यात्रा
कलश यात्रा सरिया के प्रसिद्ध सोलबंद तालाब से शुरू हुई। श्रद्धालु यहां से कलश लेकर जगन्नाथ मंदिर परिसर, दुर्गा पंडाल, महात्मा गांधी चौक और अटल चौक होते हुए रामचंडी मंदिर पहुंचे। मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना की गई। इसके साथ ही अखंड ज्योत और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी शुरू हुए। नवरात्रि के पहले दिन से ही माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने लगी है।
पांच हजार श्रद्धालुओं के लिए महाभंडारे की व्यवस्था
कलश स्थापना के बाद मंदिर परिसर में महाभंडारे का आयोजन किया गया। आयोजकों ने बताया कि करीब 5,000 श्रद्धालुओं के लिए अन्न प्रसाद की व्यवस्था की गई। भंडारे की व्यवस्था में क्षेत्र के कृषि दवाई एवं कीटनाशक विक्रेताओं ने सहयोग राशि दी, जबकि शाखा सभा पोर की ओर से आयोजन की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रबंधन और सेवाभावी लोगों ने आयोजन को व्यवस्थित बनाने में योगदान दिया।
युवाओं ने संभाली मंदिर सेवा की जिम्मेदारी
इस बार नवरात्रि पर्व को लेकर युवाओं में भी खास उत्साह देखने को मिल रहा है। युवाओं ने तन-मन-धन से मंदिर की सेवा और श्रद्धालुओं की व्यवस्था में सहयोग करने का संकल्प लिया है। मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, कोलता समाज माता रामचंडी को अपनी इष्ट देवी मानता है और शारदीय नवरात्रि के साथ चैत्र नवरात्रि में भी विशेष पूजा-अर्चना करता है। समाज के लिए ये आयोजन धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक एकता और आपसी जुड़ाव बनाए रखने का माध्यम भी हैं।
नौ दिनों तक भक्तिमय रहेगा सरिया अंचल
शारदीय नवरात्रि के अगले नौ दिनों तक रामचंडी मंदिर में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। मंदिर में कलश स्थापना, अखंड ज्योत और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालु माता की आराधना करेंगे। सरिया अंचल के साथ ओडिशा से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण मंदिर क्षेत्र में धार्मिक चहल-पहल बनी हुई है। नवरात्रि को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।



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