बाढ़ का पानी उतर गया, गंदगी नहीं, पंचायत की चुप्पी पर रानीडीह के युवाओं ने खुद उठाई झाड़ू..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सरिया तहसील के महानदी किनारे बसे रानीडीह गांव में बाढ़ का पानी तो उतर गया, लेकिन अपने पीछे छोड़ी गंदगी और कचरे ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी। सफाई को लेकर पंचायत की ओर से अपेक्षित पहल नहीं होने का आरोप लगाते हुए गांव के युवाओं ने गांधी जयंती के दिन खुद मोर्चा संभाल लिया। हाथों में झाड़ू और डस्टबिन लेकर युवा सड़कों और गलियों में उतरे और गांव की सफाई शुरू कर दी।

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रानीडीह गांव हाल ही में महानदी में आई बाढ़ से प्रभावित हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक करीब तीन-चार दिन पहले बाढ़ का पानी गांव के कई हिस्सों तक पहुंचा था। पानी उतरने के बाद जगह-जगह कचरा, प्लास्टिक और झाड़ियां जमा हो गईं। युवाओं का कहना है कि ऐसी स्थिति में पंचायत की ओर से सफाई अभियान शुरू किया जाना चाहिए था, लेकिन समय पर कोई ठोस पहल नजर नहीं आई। आखिरकार युवाओं ने पंचायत का इंतजार करने के बजाय खुद सफाई की जिम्मेदारी संभाल ली।

सरपंच की कार्यशैली पर युवाओं ने उठाए सवाल

गांव के सरपंच शुकलाल चौहान हैं, जो भाजपा मंडल सरिया में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। युवाओं का आरोप है कि बाढ़ के बाद गांव की सफाई पंचायत की प्राथमिकता होनी चाहिए थी, लेकिन इस दिशा में पहल नहीं हुई। इसी वजह से गांधी जयंती के दिन युवाओं को खुद सड़क और गलियों में उतरना पड़ा। युवाओं की इस पहल को सरपंच की कार्यशैली को लेकर उनकी नाराजगी के रूप में भी देखा जा रहा है।

झाड़ू लेकर गलियों में उतरे युवा

2 अक्टूबर को युवाओं ने गांव के सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और गलियों में सफाई अभियान चलाया। इस दौरान सड़क किनारे पड़े प्लास्टिक और दूसरे कचरे को हटाया गया, वहीं झाड़ियों की भी सफाई की गई। युवाओं ने ग्रामीणों से अपील की कि कचरा खुले में न फेंकें। उनका कहना है कि बाढ़ के बाद सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया तो गंदगी के कारण बीमारी और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

युवाओं की पहल ने पंचायत की भूमिका पर खड़े किए सवाल

रानीडीह समेत सरिया क्षेत्र के कई गांव महानदी में आई बाढ़ से प्रभावित हुए थे। अब पानी उतरने के बाद गांवों में सफाई की जरूरत है। युवाओं का कहना है कि पंचायत स्तर पर समय रहते सफाई अभियान शुरू किया जाता तो उन्हें खुद यह जिम्मेदारी उठाने की जरूरत नहीं पड़ती। गांधी जयंती पर युवाओं ने सफाई कर एक तरफ स्वच्छता का संदेश दिया, वहीं दूसरी तरफ पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए।

सफाई अभियान में सुब्रत प्रधान, रोहन प्रधान, कुमार प्रधान, सुमित प्रधान, प्रशांत बारीक, राहुल प्रधान, खुशीराम बारिक, रविंद्र सिदार, अखिलेश सिदार, अंकुश प्रधान और अमित बारिक सहित कई युवा शामिल रहे। ग्रामीणों ने युवाओं की इस पहल की सराहना की। हालांकि, अब सवाल यही है कि बाढ़ के बाद गांव की नियमित सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी पंचायत कब संभालती है।

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