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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले में साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से आम लोगों एवं छात्र-छात्राओं को बचाने के लिए चलाया जा रहा ‘साइबर जागृति अभियान’ लगातार जारी है। अभियान के चौथे चरण में ‘स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउज़िंग’ थीम पर मंगलवार को जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस टीमों ने सभी थाना और चौकी क्षेत्रों के गांवों, शहरों, सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों और कॉलेजों में 128 से अधिक स्थानों पर शिविर लगाकर करीब 17,789 नागरिकों को साइबर सुरक्षा के उपाय बताए।
नौकरी और पैसे डबल करने वाले लिंक से रहें सावधान
जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को स्मार्टफोन की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखने, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर पैसे मांगने वालों से सावधान रहने और इंटरनेट पर निजी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई। पुलिस ने नौकरी दिलाने, घर बैठे कमाई कराने या पैसे डबल करने का झांसा देने वाले लुभावने लिंक से भी दूर रहने कहा। सोशल मीडिया पर मॉर्फ्ड फोटो और वीडियो के जरिए निजी जानकारी के दुरुपयोग के मामलों को लेकर भी लोगों को सतर्क किया गया।
पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड और कैफे में मिलने वाले अनजान या मुफ्त वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी है। ऐसे नेटवर्क पर बैंकिंग लेन-देन या पासवर्ड दर्ज करने से बचना चाहिए। साथ ही मोबाइल में किसी भी ऐप को कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स और स्टोरेज जैसी परमिशन देने से पहले उसकी जरूरत और विश्वसनीयता जांचने की सलाह दी गई।
स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट एक्सेस ऐप से भी सावधान
साइबर ठगी के नए तरीकों को लेकर भी लोगों को जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि ठग वीडियो कॉल या AnyDesk, TeamViewer जैसे रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए मोबाइल की स्क्रीन शेयर करवाकर बैंक खाते से रकम निकालने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयर नहीं करना चाहिए और न ही कोई अज्ञात ऐप इंस्टॉल करना चाहिए।
पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि OTP, ATM/डेबिट कार्ड नंबर, PIN, CVV, बैंक खाता विवरण और UPI PIN जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से भी बचें।
ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करे। घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को होल्ड कराने और उसे वापस पाने की संभावना बढ़ सकती है।


