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सारंगढ़-बिलाईगढ़// गोमर्डा अभ्यारण्य के सारंगढ़ परिक्षेत्र अंतर्गत कक्ष क्रमांक 924 में मृत मिली मादा सांभर की मौत ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जांच में मादा सांभर के गर्भवती होने की बात सामने आई है। उसके साथ गर्भ में पल रहे शावक की भी मौत हो गई। शरीर पर प्रथमदृष्टया किसी गंभीर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन मौत की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
खोजी डॉग जीली-जस्सी ने खंगाला घटनास्थल
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने सोमवार को घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। संभावित शिकार, बाहरी हस्तक्षेप या किसी संदिग्ध गतिविधि के संकेत तलाशने के लिए प्रशिक्षित खोजी डॉग जीली और जस्सी को भी मौके पर बुलाया गया। दोनों डॉग ने घटनास्थल और आसपास के इलाके में जांच की। हालांकि प्रारंभिक पड़ताल में ऐसा कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे मौत को शिकार या किसी हिंसक हमले से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके।
बीमारी या प्रसव संबंधी जटिलता की भी जांच
वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की प्रारंभिक जांच में यह संभावना सामने आई है कि मादा सांभर प्रसव की अवस्था में थी। प्रसव संबंधी जटिलता, बीमारी, संक्रमण, विषाक्तता या किसी आंतरिक समस्या के कारण उसकी मौत हुई हो सकती है। लेकिन अभी किसी एक कारण को अंतिम नहीं माना जा रहा है।
पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की मदद से शव परीक्षण किया गया है और आवश्यक नमूने सुरक्षित कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से भी गंभीर घटना
मादा सांभर के साथ गर्भस्थ शावक की मौत वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण घटना है। फिलहाल वन विभाग घटनास्थल की जांच, शव परीक्षण और प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर मामले की पड़ताल कर रहा है। बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिलने के बावजूद रिपोर्ट आने से पहले मौत को प्राकृतिक या किसी अन्य कारण से हुई मानना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही इस घटना का असली कारण सामने आएगा।


