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बिलासपुर// बिलासपुर में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। सीएम ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति के बांग्लादेशी नागरिक होने का प्रमाण मिलता है, तो उसे डिपोर्ट किया जाएगा।
दरअसल, बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई करते हुए 23 बांग्लादेशी संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान इनके भारत में रहने से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने की बात सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद सभी संदिग्धों को फिलहाल रायपुर के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। वहीं, संदिग्धों की नागरिकता और भारत में रहने से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है।
जांच के बाद होगा फैसला
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि केवल संदेह के आधार पर किसी को बांग्लादेशी घोषित नहीं किया जाएगा। जांच में यदि बांग्लादेशी नागरिक होने का प्रमाण मिलता है, तो नियमानुसार उन्हें भारत से डिपोर्ट किया जाएगा। पुलिस और संबंधित एजेंसियां गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान, नागरिकता और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
झीरम फैसले पर बोले- कोर्ट के निर्णय का स्वागत होना चाहिए
झीरम कांड पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला करीब 13 वर्षों तक चला और अदालत ने 100 से अधिक गवाहों की गवाही सुनी। इसके बाद 10 लोगों को सजा हुई है। उन्होंने कहा कि झीरम कांड में छत्तीसगढ़ के नेतृत्वकर्ताओं की जान गई थी, जिसका दुख सभी को है।
विपक्ष के सवालों पर सीएम साय ने कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब दावा करते थे कि उनके पास झीरम कांड से जुड़े सबूत हैं। यदि ऐसा था तो उन्हें अपने सबूत NIA के सामने रखने चाहिए थे। अब कोर्ट का फैसला आने के बाद सवाल उठाने के बजाय न्यायालय के निर्णय का स्वागत करना चाहिए।
महतारी वंदन योजना पर नारी शक्ति को बताया पूजनीय
महतारी वंदन योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति सदैव पूजनीय रही है। उन्होंने महिलाओं को नमन करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार लगातार महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनके हित में काम कर रही है।



