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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सावन के पावन अवसर पर तहसील मुख्यालय सरिया से लगे ग्राम पंचधार स्थित महाकालेश्वर शिव मंदिर परिसर में गुरुवार को सत्संग एवं प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उड़ीसा से पहुंचीं प्रवचनकर्ता देवकी साहू ने श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार, माता-पिता की सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।

प्रवचन के दौरान देवकी साहू ने कहा कि आज की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में मन की शांति के लिए सत्संग से जुड़ना जरूरी है। जब जीवन में दुख या परेशानी आती है, तब लोग भगवान की शरण में पहुंचते हैं, लेकिन सुख के समय भी सत्संग और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज में संस्कार बनाए रखने के लिए बच्चों को धर्म, सेवा और अच्छे आचरण की सीख देना जरूरी है। मोबाइल और दूसरी व्यस्तताओं में समय बिताने के बजाय आध्यात्मिक ज्ञान और समाज सेवा की ओर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर को स्वच्छ रखने, पेड़-पौधे लगाने और समाज सेवा में आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को माता-पिता की सेवा, भगवान की पूजा, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की मदद जैसे संस्कार परिवार से ही मिलते हैं। इसलिए माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार भी दें।
मंदिर समिति के सचिव नरेश पटेल ने बताया कि महाकालेश्वर महादेव मंदिर में प्रत्येक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को सत्संग और प्रवचन का आयोजन किया जाता है। सावन मास की चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देवकी साहू ने प्रवचन दिया। प्रवचन के बाद भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके बाद महाभंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर भंडारे की सेवा प्रहलाद पटेल की ओर से की गई।
कार्यक्रम में शामिल बुदबुदा के ग्रामीण जगन्नाथ पटेल ने कहा कि सावन के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और जलाभिषेक सहित पूजा-अर्चना में लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर में आकर पूजा और सत्संग से मन को शांति मिलती है। पूरे आयोजन के दौरान हर-हर महादेव के जयकारों और भक्ति के माहौल से पंचधार का महाकालेश्वर मंदिर परिसर आध्यात्मिक रंग में डूबा रहा।



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