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सारंगढ़-बिलाईगढ़// बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी में हुई चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चोरी की वारदात में शामिल दो आरोपियों और चोरी का सामान अपने पास रखने वाले एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के जेवर, मोबाइल और नकदी बरामद की गई है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, पंडरीपानी निवासी श्रवण कुमार रात्रे ने 19 अगस्त को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका परिवार मकान में ताला लगाकर अलग-अलग राज्यों में रहकर काम करता है। घर की चाबी उनके चचेरे भाई चरणलाल के पास थी। 18 अगस्त की शाम चरणलाल ने फोन कर बताया कि घर का ताला टूटा हुआ है और सामान बिखरा पड़ा है। घर पहुंचने पर आलमारी का लॉकर भी टूटा मिला और सोने-चांदी के जेवर गायब थे। मामले में पुलिस ने धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि सुमित कुमार लहरे और देवा रात्रे अचानक नया मोबाइल खरीदने के साथ काफी पैसे खर्च कर रहे हैं। संदेह के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने 13 अगस्त को एकराय होकर दीवार फांदकर घर में घुसने और ताला तोड़कर आलमारी से सोने-चांदी के जेवर चोरी करने की बात स्वीकार की। चोरी के सामान को दोनों ने आपस में बांट लिया था।
पुलिस के अनुसार सुमित लहरे ने अपने हिस्से के चोरी के सामान को बेचकर एक रियलमी मोबाइल खरीदा था और कुछ रकम खर्च कर दी थी। उसके कब्जे से मोबाइल, मोबाइल का बिल और 4 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं देवा रात्रे की निशानदेही पर चोरी का चांदी का सामान बरामद किया गया। पूछताछ में उसने चोरी के सोने के माला और चांदी के पायल अपने मामा मनीष कुमार महिलांगे निवासी कोरबा को देने की जानकारी दी। पुलिस ने मनीष के कब्जे से सोने के माला की 9 पत्तियां और चांदी की पायल बरामद की।
मामले में दो से अधिक आरोपियों के मिलकर चोरी करने पर धारा 3(5) बीएनएस जोड़ी गई, जबकि चोरी की संपत्ति को अपने कब्जे में रखने के आरोप में मनीष महिलांगे के खिलाफ धारा 317 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने सुमित कुमार लहरे (20), देवा रात्रे (18), दोनों निवासी पंडरीपानी और मनीष कुमार महिलांगे (20), निवासी पोंडीबाहर, कोरबा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।


