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आर्टिकल के अंत में सीसीटीवी फुटेज जरूर देखें
रायगढ़// रायगढ़ के कोतरारोड थाने में आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार नवापारा निवासी बंदी संजय बघेल (32) की 13 जून 2026 को हुई आकस्मिक मौत के मामले में पुलिस ने अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। परिजनों द्वारा पुलिस अभिरक्षा में मारपीट और अवैधानिक रूप से रुपये लेने के आरोपों के बीच, 16 जून को एसएसपी शशि मोहन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर थाने के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक किए। पुलिस ने डिजिटल एविडेंस के आधार पर मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है, वहीं रिश्वतखोरी की शिकायत की निष्पक्ष जांच के लिए दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है।
वर्तमान में इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच जेएमएफसी (JMFC) रायगढ़ द्वारा की जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी शशि मोहन सिंह के साथ डीएसपी सुशांतो बनर्जी और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी पी.एस. भगत उपस्थित रहे। अधिकारियों ने तथ्यों की स्पष्टता के लिए थाना कोतरारोड के अपराध क्रमांक 180/2026, धारा 34(2), 59(क) आबकारी अधिनियम के तहत की गई पूरी कार्रवाई का सिलसिलेवार घटनाक्रम और वीडियो फुटेज मीडिया प्रतिनिधियों के समक्ष साझा किए।
मुखबिर की सूचना और 30 लीटर कच्ची महुआ शराब की जब्ती
पुलिस द्वारा जारी समय चक्र के मुताबिक, 10 जून 2026 की सुबह लगभग 11:00 बजे थाना कोतरारोड पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अरसीपाली चौक के आगे मुख्य मार्ग से अंदर अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब रखकर परिवहन की तैयारी में है। इस सूचना पर प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान ने थाना प्रभारी को अवगत कराया। इसके बाद गवाह सुरेश सिंह ठाकुर और चन्द्रप्रकाश भट्ट को साथ लेकर मौके पर दबिश दी गई। अरसीपाली चौक स्थित नाई ठेले के पास एक सुनसान जगह पर
पुलिस ने एक व्यक्ति को सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी के साथ पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम संजय बघेल (32 वर्ष), पिता प्यारेलाल बघेल, निवासी ग्राम नवापारा (थाना कोतरारोड) बताया। प्लास्टिक बोरी की तलाशी लेने पर उसके अंदर हाथ भट्टी से निर्मित कुल 30 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई, जो 5-5 लीटर की क्षमता वाली छह पारदर्शी प्लास्टिक पन्नियों में भरी हुई थी। अवैध शराब को विधिवत जब्त कर आरोपी संजय बघेल को उसी दिन दोपहर 12:43 बजे थाना लाया गया।
थाना परिसर का घटनाक्रम और विधिवत गिरफ्तारी
थाना कोतरारोड लाने के बाद आरोपित संजय को बंदीगृह के बाहर बैठाया गया और उसके परिजनों को कार्रवाई की सूचना दी गई। सूचना पाकर संजय का भाई अजय बघेल और परिवार का सदस्य राकेश बघेल थाना पहुंचे। पुलिस ने आबकारी प्रकरण की समस्त वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 10 जून को ही दोपहर 14:15 बजे संजय की विधिवत गिरफ्तारी दर्ज की और इसकी सूचना उसके भाई अजय बघेल को प्रदान की। पुलिस ने बताया कि उसी दिन थाने में चर्चित नकली शराब प्रकरण के आरोपी सुभाष पटेल के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही थी और दोनों आरोपियों को एक साथ बंदीगृह के बाहर ही बैठाया गया था।
CCTV फुटेज में दिखा मानवीय व्यवहार, पुलिस कस्टडी में परिजनों से मुलाकात
एसएसपी द्वारा मीडिया को दिखाए गए सीसीटीवी फुटेज में दोपहर 14:21 बजे संजय बघेल स्पष्ट रूप से आराम करता नजर आ रहा है। फुटेज में साफ है कि संजय द्वारा पानी मांगने पर पुलिसकर्मियों ने उसे पानी उपलब्ध कराया और अन्य आरोपियों की तरह उसे दोपहर का भोजन भी दिया गया। गिरफ्तारी की सूचना के बाद थाना पहुंचे परिजनों की उपस्थिति में, संजय पुलिस की निगरानी में थाना परिसर के बरामदे में अपने परिवार वालों से मिलता और बातचीत करता हुआ दिखाई देता है।
मेडिकल परीक्षण (MCU) में फिट मिला आरोपी, जेल दाखिले तक की प्रक्रिया
उसी शाम संजय बघेल और सह-आरोपी सुभाष पटेल को चिकित्सीय परीक्षण, एमसीयू (फिंगर प्रिंट) और न्यायालय में रिमांड पेशी के लिए थाने से रवाना किया गया। शाम 16:35 बजे के सीसीटीवी फुटेज में संजय सामान्य रूप से बाहर निकलता दिखा है। पुलिस के अनुसार, मेडिकल परीक्षण के दौरान संजय बघेल ने चिकित्सक को किसी भी प्रकार की चोट या शारीरिक तकलीफ की कोई जानकारी नहीं दी थी और मेडिकल रिपोर्ट में उसे पूर्णतः फिट बताया गया था। इसके विपरीत, सह-आरोपी सुभाष पटेल ने स्वयं को हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) का मरीज बताया था।
शाम लगभग 18:30 बजे पुलिस बल द्वारा दोनों आरोपियों को जेल दाखिल कराने ले जाया गया। जेल परिसर में भी संजय के परिवार का सदस्य राकेश बघेल उपस्थित था, जिसने संजय को दिलासा दिया था कि वह जल्द ही उसकी जमानत करा लेगा। इन तमाम साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का दावा है कि शराब रेड की कार्रवाई से लेकर थाना लाने, मेडिकल कराने और जेल दाखिल करने तक कहीं भी संजय बघेल के साथ अभद्रता या मारपीट नहीं हुई है।
रिश्वत के आरोप में दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच, विसरा जांच पर टिकी निगाहें
मृतक संजय बघेल के परिजनों द्वारा आबकारी प्रकरण में पुलिसकर्मियों पर अवैधानिक रूप से रुपये लेने (रिश्वत) की जो शिकायत की गई है, पुलिस महकमे ने उसे गंभीरता से लिया है। इस शिकायत पर प्रकरण के जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और हमराह आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। उक्त शिकायत की विस्तृत और निष्पक्ष जांच डीएसपी (मुख्यालय) द्वारा कराई जा रही है।
मामले में सबसे अहम मृतक संजय बघेल के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए पुलिस ने बताया कि मृतक के शरीर पर पाई गई चोटों को मृत्यु का कारण नहीं बताया गया है। मृत्यु के स्पष्ट कारणों का सटीक निर्धारण करने के लिए हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच और जब्त विसरा के परीक्षण कराए जाने की चिकित्सकीय राय दी गई है। जिला पुलिस रायगढ़ का कहना है कि वे इस पूरी न्यायिक जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान कर रहे हैं और जांच निष्कर्षों के आधार पर ही प्रकरण में आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


