अनुविभागीय अधिकारी की सरिया समीक्षा बैठक के बाद 4 पंचायत सचिवों पर कार्रवाई, तीन को अनुपस्थिति और एक को अशोभनीय कृत्य पर नोटिस जारी..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// शुक्रवार को नगर पंचायत सरिया के मंगल भवन में आयोजित पंचायत सचिवों की आवश्यक समीक्षा बैठक के बाद जनपद पंचायत बरमकेला अजय पटेल ने चार पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें तीन सचिवों को बैठक से अनुपस्थित रहने तथा एक सचिव को बैठक के दौरान कथित अशोभनीय कृत्य के लिए नोटिस जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यालय तहसीलदार सरिया के पत्र के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डॉ वर्षा बंसल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विभिन्न पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की गई।

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तीन सचिवों पर अनुपस्थिति को लेकर कार्रवाई

जारी नोटिस के अनुसार ग्राम पंचायत मानिकपुर के सचिव संतोष कोसले, ग्राम पंचायत लुकापारा के सचिव रंजीत सिंह सिदार तथा ग्राम पंचायत अर्मुरा एवं बुदबुदा के सचिव पंडित राम सिदार बैठक में अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन का कहना है कि उनकी अनुपस्थिति के कारण संबंधित पंचायतों के कार्यों की समीक्षा नहीं हो सकी। नोटिस में इसे उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना तथा दायित्वों के प्रति लापरवाही माना गया है। संबंधित सचिवों को दो दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

अशोभनीय कृत्य के आरोप में एक सचिव को नोटिस

वहीं ग्राम पंचायत बोरिदा एवं तोरा के सचिव पूर्णचंद साहू को बैठक के दौरान कथित अशोभनीय व्यवहार के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि समीक्षा बैठक के दौरान उनका आचरण अनुचित पाया गया, जिस पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई।प्रशासन ने इसे कार्य के प्रति गंभीरता की कमी बताते हुए दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सूत्रों में चर्चा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं

बैठक के बाद प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। कुछ सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि कथित अशोभनीय कृत्य को लेकर ही संबंधित सचिव के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। लेकिन चर्चा यह है कि उक्त बैठक में सचिव द्वारा एसडीएम को आंख मारने जैसी हरकत की गई। हालांकि प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस में किसी विशेष घटना का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।

संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर हो सकती है कार्रवाई

जनपद पंचायत द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया अथवा स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए मामला उच्च कार्यालय को भेजा जाएगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित सचिवों द्वारा क्या जवाब प्रस्तुत किया जाता है और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।

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