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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित लेन्ध्रा सरकारी देशी शराब दुकान से खरीदी गई शराब की सीलबंद बोतल में मरे हुए कीड़े-मकोड़े मिलने के दावे ने हड़कंप मचा दिया है। इस घटना के बाद आबकारी विभाग की गुणवत्ता जांच और बॉटलिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि सरकारी काउंटर से खरीदी गई 200 एमएल देशी प्लेन शराब की बोतल के अंदर मकड़ी जैसी आकृति दिखाई देने पर उपभोक्ता के होश उड़ गए।
टॉर्च की रोशनी में खुला मामला, वीडियो हुआ वायरल
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बनहर निवासी किसान अनिल कुमार साहू ने गुरुवार शाम लेन्ध्रा स्थित सरकारी देशी शराब दुकान से 200 एमएल प्लेन शराब की बोतल खरीदी थी। भुगतान करने के बाद जब वह बोतल लेकर बाहर निकला, तो उसे सीलबंद शीशी के भीतर काले रंग की कोई चीज दिखाई दी। संदेह होने पर उसने मोबाइल की टॉर्च जलाकर देखा, जहां बोतल के अंदर मरी हुई मकड़ी तैरती नजर आई। खास बात यह रही कि बोतल पूरी तरह सीलबंद थी और उस पर आबकारी विभाग की आधिकारिक सील लगी हुई थी। उपभोक्ता ने इस पूरे मामले का वीडियो और फोटो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्वालिटी कंट्रोल और सप्लाई सिस्टम कटघरे में
घटना सामने आने के बाद शराब की गुणवत्ता और सप्लाई सिस्टम पर सवाल तेज हो गए हैं। लोगों का कहना है कि जब सरकारी दुकानों में बिकने वाली सीलबंद बोतलों में इस तरह की गंदगी या जहरीले जीव मिल रहे हैं, तो बॉटलिंग प्लांट और क्वालिटी चेक की प्रक्रिया आखिर कैसे काम कर रही है। प्रदेश में पहले भी मिलावटी और खराब शराब से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं, ऐसे में सरकारी दुकानों की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति बिना देखे या अंधेरे में शराब का सेवन कर लेता, तो गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो सकता था।
शिकायत पर धमकाने का आरोप, विभाग की चुप्पी पर नाराजगी
पीड़ित उपभोक्ता अनिल कुमार साहू ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने शराब दुकान के सेल्समैन से इस संबंध में शिकायत की, तो समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें उल्टा धमकाया गया। वहीं ग्राम सकरतुंगा निवासी भोजराम पटेल ने भी दावा किया कि उन्हें इसी दुकान से घटिया और कचरा युक्त शराब की बोतल मिली थी। ग्रामीणों का आरोप है कि दूरदराज के सरकारी शराब दुकानों में निम्न स्तर की शराब सप्लाई कर उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। मामले में जिला आबकारी अधिकारी एस.आर. वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने से विभाग का पक्ष सामने नहीं आ सका।
सोशल मीडिया में किरकिरी, जांच की उठी मांग
सीलबंद शराब की बोतल में मकड़ी मिलने का वीडियो और तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर आबकारी विभाग की जमकर आलोचना हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकार नियंत्रित दुकानों में बिकने वाली शराब की गुणवत्ता ही संदेह के घेरे में है, तो आम उपभोक्ता भरोसा किस पर करे। ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी डिस्टिलरी, सप्लाई एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं होने से लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है।


