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सारंगढ़-बिलाईगढ़// लंबित मांगों और नियम विरुद्ध तबादलों के विरोध में छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ का आंदोलन अब शुरू हो गया है। आंदोलन के पहले चरण के तहत मंगलवार को बिलासपुर संभाग के सभी जिलों सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के वन कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। वन कर्मचारियों ने कहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी नाराजगी के चलते संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।

सारंगढ़ जिले में भी वन विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय और फील्ड ड्यूटी के दौरान हाथों में काली पट्टी बांधकर शासन-प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार नियम विरुद्ध स्थानांतरण, कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी और लंबित मामलों का निराकरण नहीं होने से नाराजगी बढ़ती जा रही है।
छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष हीरालाल चौधरी ने बताया कि यह आंदोलन की शुरुआत है। यदि मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। संघ द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण में 18 मई को भोजन अवकाश के दौरान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय बिलासपुर के सामने सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 25 मई को एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर काम बंद किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।
वन कर्मचारी संघ का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है। कर्मचारियों ने शासन से जल्द उचित निर्णय लेने की मांग की है, ताकि आंदोलन की स्थिति खत्म हो सके।



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