सचिव से मारपीट : सरपंच पति के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग, दोनों में पहले भी हुई थी लड़ाई..

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रायपुर// रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र में पंचायत सचिव से कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद माहौल गरमा गया है। ग्राम खोला के सचिव कुंदन लाल साहू के साथ मारपीट किए जाने के आरोप में सचिव संघ ने सरपंच पति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। घटना के बाद सचिव संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सचिव अभनपुर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

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जानकारी के मुताबिक अभनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खोला के सचिव कुंदन लाल साहू के साथ अभनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के पास मारपीट की घटना हुई। आरोप है कि ग्राम पंचायत खोला की सरपंच के पति तुलाराम साहू ने सचिव के साथ विवाद करते हुए मारपीट की। इस घटना में सचिव को चोटें आई हैं। घटना के बाद क्षेत्र में काफी चर्चा का माहौल बन गया है।

बताया जा रहा है कि किसी पंचायत संबंधी काम और प्रशासनिक विषय को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी बीच मामला इतना बढ़ गया कि सार्वजनिक स्थान पर विवाद मारपीट तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद हाथापाई की नौबत आ गई।

घटना की जानकारी मिलते ही सचिव संघ में भारी आक्रोश फैल गया। सचिव संघ अध्यक्ष शेषनारायण साहू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पंचायत सचिव अभनपुर थाने पहुंचे। संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव लगातार दबाव और धमकियों के बीच काम करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि अगर प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं होगी, तो वे स्वतंत्र रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन कैसे करेंगे।

सचिव संघ ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी सरपंच पति तुलाराम साहू के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलेभर के सचिव आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

वहीं घटना के बाद अभनपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और घटना स्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। सचिव का मेडिकल परीक्षण कराए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

इस घटना ने पंचायत व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों तथा कर्मचारियों के बीच बढ़ते विवादों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पंचायत स्तर पर अक्सर प्रशासनिक अधिकार, कामकाज और आर्थिक मामलों को लेकर तनाव की स्थिति बनती रही है। लेकिन सार्वजनिक स्थान पर सचिव के साथ कथित मारपीट की घटना ने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

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